Jabalpur News: मृत गाय को नाले में फेंकने पर भड़के बजरंगी, नगर निगम मुख्यालय में नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। आवारा पशुओं, मवेशियों को लेकर एक ओर तो नगर निगम लंबे और बड़े दावे करता है। वहीं दूसरी ओर मृत गौ-वंश की अंत्येष्टि के नाम पर खुद निगम के अधिकारी, आबादी के बीच नालों में मृत गौ-वंश को फेंक रहे हैं। इसके चलते जहां गौ-वंश की मर्यादा तार-तार हो रही है, तो वहीं क्षेत्रीय लोग दुर्गंध और बीमारी से परेशान हो रहे हैं।
ग्रीन सिटी के पास एक नाले में आज एक मृत गाय को जब निगम की टीम नाले में फेंक रही थी। तभी क्षेत्रीय लोगों के साथ बजरंग दल ने इसका जमकर विरोध किया। साथ ही निगम मुख्यालय में एकत्र होकर तेज नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया।
बजरंग दल के गौरव राजपूत ने बताया कि निगम अधिकारियों के निर्देश हैं ,कि मृत जानवरों एवं गौ-वंश को दफनाने या जलाने के सख्त निर्देश हैं। बावजूद इसके निगम के मातहत अधिकारी खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर मृत गौ-वंश को नाले में फेंक रहे हैं।
गौरव की माने, तो मृत मवेशियों को उठाने और अंत्येष्टि के लिए निगम में प्रति मवेशी 3 हजार रूपए जमा कराए जाते हैं। इसके बाद भी अधिकारी नियमों और मर्यादा को तार-तार करने उतारू हो चुके हैं। आरोप है कि विरोध करने पर निगम के अधिकारी गलत बात करते हैं और धमकाने से भी बाज नहीं आते।
अधिकारी दे रहे धमकी- बजरंग दल पदाधिकारियों की माने तो एक मृत मवेशी के लिए निगम 3 हजार ही राशि वसूलता है। बावजूद इसके अंत्येष्टि करने की बजाए नाले में फेंक कर गौ-वंश को अपमानित करने से बाज नहीं आ रहा है। उन्होने आरोप लगाया कि नगर निगम के सहायक फायर अधीक्षक राजेंद्र पटेल से जब इसकी शिकायत की तो उन्होने कोई कार्रवाई करने की बजाए उल्टा फोन पर धमकाना और गलत बातें शरू कर दीं।
आखिर कहां जा रहा पैसा - बजरंग दल का कहना है कि जब एक मृत मवेशी पर 3 हजार लिया जा रहा है और दिनभर में यदि 10 ऐंसे मामले भी आ रहे हैं, तो 30 हजार रूपए राजेंद्र पटेल जैसे अधिकारियों के पास जा रहे हैं। बावजूद इसके विधिवत अंत्येष्टि की बजाए खुलेआम नाले में फेंककर रूपयों को अंदर कर रहे हैं। बजरंग दल ने चेतावनी दी कि यदि आगे से ऐंसा फिर किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाऐगा।