Jabalpur News: एफआईआर के आदेश पर भड़के किसान पराली लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे
Jabalpur News: Farmers angry over FIR orders reach Collectorate with stubble
आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज कराने संबंधी जिला प्रशासन के आदेश से भड़के किसान बुधवार की सुबह ट्रेक्टर में पराली लेकर जबलपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। ट्रेक्टर- ट्रॉली और हाथों में पराली के गठ्ठे लिए कलेक्ट्रेट के गेट पर बैठे किसानों की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में सक्रिय हुई पुलिस ने मेन गेट को छावनी बना दिया।
इस घटनाक्रम के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना के आगमन पर नारेबाजी करते हुए किसानों ने भीतर जा कर सभाकक्ष क्रमांक 57 में कलेक्टर से मुलाकात कर पूछा कि, प्रशासन बताए कि, आखिर हम इस पराली का क्या करें, जिसको जलाने पर प्रशासन हम पर एफआईआर दर्ज करा रहा है।
किसानों का कहना था कि साल के 365 दिनों में बमुश्किल 10 से 15 अधिक से अधिक 20 दिन तक ही पराली जलती है, इससे कितने प्रतिशता प्रदूषण हो जाता है, जबकि साल भर खदानों और कारखानों आदि से लगातार धुंआ छोड़ा जाता है, उससे कई गुना अधिक प्रदूषण होता है, जिस पर प्रशासन मौन है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि, पराली के समाधान के जो उपाय उन्हें गिनाए जा रहे है, उनकी उपलब्धता, सहजता और आने वाले खर्च की लागत पर प्रशासन उनका सहयोग करें ताकि वे पराली का दूसरे तरीके से निस्तारण कर सकें।
कलेक्टर के साथ भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी प्रहलाद सिंह पटेल, राघवेंद्र सिंह पटेल, युवराज सिंह चंदेल आदि ने कलेक्टर और कृषि अधिकारियों से वन-टू-वन संवाद किया। बैठक में कलेक्टर दीपक सक्सेना ने एफआईआर संबंधी आदेश को लेकर बनी भ्रम की स्थिति को स्पष्ट किया, वहीं किसानों को पराली से निपटने के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की बात कही।इस दौरान अपर कलेक्टर मिशा सिंह सहित उप संचालक कृषि सुशील निगम, रवि आम्रवंशी आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।