Jabalpur News: 5 घंटे तालाब में छुपा रहा चोर, पुलिस को बुलाने पड़े गोताखोर... तब पकड़ाया अंतर्राज्यीय अपराधी

Jabalpur News: 5 घंटे तालाब में छुपा रहा चोर, पुलिस को बुलाने पड़े गोताखोर... तब पकड़ाया अंतर्राज्यीय अपराधी

आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मंगलवार को सिहोरा रेलवे स्टेशन में सुबह 4:45 बजे एक ऐसे अंतर्राज्यीय कुख्यात अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। जिसकी तलाश कई वर्षों से जीआरपी भोपाल, जीआरपी इटारसी, जीआरपी उज्जैन, जीआरपी इगतपुरी (महाराष्ट्र), थाना राजगढ, थाना वालचंद नगर (पुणे), थाना एमआईडीसी (मुम्बई), जीआरपी / पीएस विशाखापट्टनम एवं थाना गुड़ीवाड़ा के अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर आरोपी के विरूद्ध स्थायी एवं फरार वारंटी लंबित है और जिनकी पुष्टि संबंधित जीआरपी इकाइयों द्वारा की गई है। आरोपी को आज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के अंतर्गत सिहोरा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ स्टाफ द्वारा निगरानी की जा रही थी तभी ट्रेन क्रमांक 11753 से एक संदिग्ध व्यक्ति को एक महिला यात्री का पर्स चोरी करने के प्रयास के बाद ऑफ साइड से बाहर भागते हुए देखा गया।

संदेह होने पर आरपीएफ कर्मियों ने तत्काल उसका पीछा किया। जहां गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी स्थानीय बाजार के समीप स्थित एक तालाब में कूद गया।

करीब पांच घंटे वह तालाब में छुपकर पुलिस को चकमा देता रहा। जिसके बाद आरपीएफ द्वारा तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित कर गोताखोरों को बुलवाया गया और आरोपी को तालाब से बाहर निकालकर सिहोरा स्टेशन लाया गया।

स्टेशन लाकर पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुनः भागने का प्रयास किया किन्तु आरपीएफ ने उसे पकड़े रखा। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा पहचान छिपाने का बहुत प्रयास किया।

लेकिन आरपीएफ की कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी हरविंदर सिंह आखिर टूट गया और उसने ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसने आरपीएफ को बताया कि वह मोहल्ला खेड़ा, थाना हल्दौर, जिला बिजनौर, उत्तरप्रदेश का रहने वाला है।

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पुलिस की प्रारंभिक जांच एवं आईसीजेएस सत्यापन में यह बात सामने आई है कि आरोपी एवं अंतर्राज्यीय आदतन अपराधी है, जिसके विरूद्ध धारा 379/411 के तहत मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं आंध्रप्रदेश के विभिन्न रेलवे पुलिस थानों में अनेक प्रकरण दर्ज हैं।