Jabalpur News: चुनाव की सुगबुगाहट के बीच रक्षा मंत्रालय का आया फरमान, एक साल और भंग रहेगा कैंट बोर्ड

Jabalpur News: चुनाव की सुगबुगाहट के बीच रक्षा मंत्रालय का आया फरमान, एक साल और भंग रहेगा कैंट बोर्ड

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जल्द चुनाव कराए जाने का आश्वासन दिए जाने के बाद मंत्रालय ने जबलपुर सहित देश 56 केंट बोर्ड को भंग रखे जाने की समय सीमा को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। हाल ही में इस आशय की अधिसूचना रक्षा मंत्रालय ने जारी कर दी है। बात साफ है कि रक्षा मंत्रालय फिलहाल केंट बोर्ड में मेंबर चुनाव के पक्ष में नहीं है।

दरअसल, जबलपुर केंट बोर्ड सहित देश के 56 बोर्ड में पिछले 5 सालों से मेंबर के चुनाव नहीं कराए गए हैं। अंतिम निर्वाचित केंट बोर्ड मेंबर्स का कार्यकाल 10 फरवरी 2020 को समाप्त हुआ था। जिसके बाद से लगातार रक्षा मंत्रालय केंट एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए बोर्ड को भंग की स्थिति में रखे हुए है।

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना 11 फरवरी 2026 से अगले एक साल के लिए प्रभावी रहेगी। इस दौरान अगर निर्वाचित मेंबर्स का चुनाव हुआ तो ठीक नहीं तो बोर्ड भंग ही रहेगी। निकायों में विलय का हवाला- रक्षा मंत्रालय ने इस बात की घोषणा पूर्व में ही कर दी थी कि कैंट बोर्ड के अधीन आने वाले सिविल एरिया को समीपस्थ निकायों में विलय किया जाना है।

इसलिए बोर्ड मेंबर के चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। हालाकी विलय की प्रक्रिया काफी धीमी है। हिमाचल प्रदेश के योल कैंट बोर्ड के अलावा अभी तक शेष बचे कैंट बोर्ड को लेकर स्थिति साफ नहीं है। वहीं हिमाचल में कांग्रेस की सरकार आने के बाद तो प्रशासनिक रूख भी बदल गया है। पिछले दिनों हिमाचल सरकार ने रक्षा मंत्रालय की शर्तो पर सवाल खड़े कर दिए हैं।