Jabalpur News: बरेला हादसे में घायल 5 वीं महिला ने तोड़ा दम, सिहोरा की निकली कार, इधर जबलपुर-मंडला मार्ग में परिजनों ने लगाया जाम

Jabalpur News: बरेला हादसे में घायल 5 वीं महिला ने तोड़ा दम, सिहोरा की निकली कार, इधर जबलपुर-मंडला मार्ग में परिजनों ने लगाया जाम

आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। बरेला रोड़ में में दर्दनाक हिट एंड रन मामले में अस्पताल में भर्ती 5वीं महिला ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद सभी मृतक महिलाओं के शव मंडला जिले से आए उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। जिसके बाद आक्रोशित परिजनों व आदिवासी नेताओं बरेला में बीच सड़क पर शवों को रख धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नेताओं का कहना है कि एनएचआई मृतकों 25-25 लाख रुपए का मुआवजा दें। वहीं परिजनों को शासकीय नौकरी दी जाए, अन्यथा चक्काजाम कर दिया जाएगा। हाईवे जाम की सूचना मिलते ही मौके पर एन एच ए आई के अधिकारी, जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी पहुंच गए हैं।

सिहोरा निवासी दीपक सोनी के नाम पर है कार-

इधर,घायलों का उपचार मेडिकल में चल रहा है, जहां 2 युवकों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सड़क हादसे की संपूर्ण जांच एएसपी क्राइम जितेंद्र सिंह करेंगे। हादसे के बाद कार चालक मय वाहन के मौके से फरार हो गया था। एएसपी अंजना तिवारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई थी कि रेनॉल्ड सफेद रंग की कार के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए मजूदरों पर कार चढाई है। उक्त कार एमपी 20 एक्स बी 1460 दीपक सोनी निवासी सिहोरा के नाम पर रजिस्टर्ड होना पाया गया है।

बरेला पुलिस ने बताया कि भीषण हादसा रविवार दोपहर को उस समय हुआ, जब बरेला से जबलपुर की ओर आ रही सफेद रंग की तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे बैठकर खाना खा रहे 13 मजदूरों को कुचल दिया था। दर्दनाक हादसे में चैनवती बाई, लच्छो बाई, गोमता बाई पति नवाबी लाल, वर्षा कुशराम पति कमलेश और कृष्णा बाई पति संजू की मौत हो गई है। घायलों में से 2 मजदूरों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है, जहां एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में उपचार कर रही है।

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दिसम्बर माह में आए थे मजदूरी करने -मृतक और घायल सभी मजदूर मंडला जिले के बम्होरी गांव की रहने है, वह दिसम्बर माह से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत जबलपुर के एकता चौक के पास डिवाइडर में लगी लोहे की जालियों की सफाई कर रहे थे। हादसे के समय वे सड़क किनारे बैठकर भोजन कर रही थे। घायलों को देखने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय ने मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं। कलेक्टर ने डॉक्टरों ने चर्चा करते हुए बेहतर से बेहतर उपचार करने की बात कही है।

मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की आर्थिक सहायता एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत लाल साहू ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की। एनएचएआई ने मृतकों के परिजन को तत्काल 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि दी। इसके अलावा कुल 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया है। इधर, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सड़क दुर्घटना में हुई मौतों पर शोक जताया। उन्होंने जिला प्रशासन और एनएचएआई अधिकारियों से चर्चा कर घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।