Jabalpur News: ईद-उल-अज़हा पर नायब मुफ़्ती-ए-आज़म बोले; “क़ुर्बानी दिखावे के लिए नहीं, सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए हो”
आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। मुस्लिम धर्मावलंबियों का प्रमुख पर्व ईद-उल-अज़हा (बकरीद) गुरुवार को शहर भर में अक़ीदत, उल्लास और शालीनता के साथ मनाया गया। शहर की विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में हजारों मुस्लिम बंधुओं ने ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा की। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। ईदगाह कलां रानीताल में नायब मुफ़्ती-ए-आज़म मध्यप्रदेश हज़रत मौलाना सूफ़ी ज़ियाउलहक़ क़ादरी ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि ईद-उल-अज़हा के दिन सबसे पसंदीदा अमल अल्लाह की राह में कुर्बानी पेश करना है।
उन्होंने कहा कि क़ुर्बानी की नियत केवल अल्लाह की रज़ा और उसकी खुश्नूदी हासिल करना होना चाहिए। मौलाना साहब ने फरमाया कि क़ुर्बानी का सिलसिला इंसान के वजूद के साथ चला आ रहा है, लेकिन ईद-उल-अज़हा की कुर्बानी सुन्नत-ए-इब्राहीमी है, जिसे हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की याद में अदा किया जाता है। उन्होंने लोगों को नसीहत करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ गोश्त हासिल करने की नियत से क़ुर्बानी करता है तो ऐसी क़ुर्बानी जाया होगी और अल्लाह की बारगाह में कुबूल नहीं होगी।
कुरआन शरीफ़ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि “अल्लाह तक न उनका गोश्त पहुँचता है और न उनका खून, बल्कि तुम्हारा तक़वा और परहेज़गारी पहुँचती है।” मौलाना सूफ़ी ज़ियाउल हक़ कादरी बुरहानी ने मौजूदा हालात को देखते हुए लोगों से अपील की कि कुर्बानी के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें। उन्होंने कहा कि कुर्बानी दिखावे के लिए नहीं, बल्कि केवल अल्लाह की रज़ा के लिए की जानी चाहिए। तकरीर के बाद मौलाना साहब ने ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा कराई।इस मौके पर इमाम अहले सुन्नत आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खां के नवासे भी नमाज़ में शरीक हुए, “अल्लाह-हू-अकबर” की सदाओं के बीच हजारों सिर सजदे में झुक गए।
नमाज़ के बाद ईद-उल-अज़हा का खुत्बा पढ़ा गया। अंत में मुफ्ती-ए-आज़म मध्यप्रदेश हज़रत मौलाना डॉक्टर मुशाहिद रज़ा कादरी ने मुल्क की तरक़्क़ी, अमन और खुशहाली के लिए ख़ास दुआ की। साथ ही पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने में सहयोग के लिए शासन-प्रशासन, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का शुक्रिया अदा किया,और उनके कार्य शैली की सराहना की।
मुबारकबाद और भाईचारे का माहौल- नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद-उल-अज़हा की मुबारकबाद दी। ईदगाहों के बाहर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मुस्लिम समाज को शुभकामनाएँ दीं। शहर के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की मस्जिदों में भी सुबह से नमाज़ अदा की गई, जहाँ भाईचारे और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शहर की प्रमुख ईदगाहों में अदा हुई नमाज़- मोमिन ईदगाह गोहलपुर में सुबह 8:30 बजे हाफ़िज मुहम्मद ताहिर साहब ने नमाज़ अदा कराई। नमाज़ियों की भारी भीड़ के कारण मुख्य सड़क और उर्दू स्कूल मैदान तक लंबी कतारें देखने को मिलीं।
ईदगाह सदर बाजार में सुबह 8:30 बजे मौलाना - सुल्तान अहमद साहब की इमामत में नमाज़ अदा की गई। यहाँ सुरक्षा संस्थानों, सेना इकाइयों में कार्यरत मुस्लिम अधिकारी-कर्मचारियों तथा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के मुस्लिम छात्रों ने भी नमाज़ पढ़ी। गढ़ा ईदगाह में सुबह 9:45 बजे हाफिज काज़ी अमीर अशरफ़ हुसैनी मियां ने नमाज़ अदा कराई। यहाँ नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के मुस्लिम कर्मचारी एवं छात्राएँ भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आगा मोहम्मद साहब की दरगाह में सुबह 10:30 बजे सुल्तान अहमद क़ादरी साहब की इमामत में नमाज़ अदा की गई। वहीं शिया जामा मस्जिद ज़ाकिर अली फूटाताल में सुबह 9:30 बजे मौलाना हैदर मेहदी साहब की कयादत में नमाज़ हुई।
सुन्नत-ए-इब्राहीमी की याद में दी गई कुर्बानियाँ-- ईद-उल-अज़हा के अवसर पर सक्षम मुस्लिम परिवारों ने सुन्नत-ए-इब्राहीमी की याद में बकरों की कुर्बानी पेश की। मुस्लिम बहुल इलाकों में दिनभर चहल-पहल और खुशी का माहौल बना रहा। बच्चों और बड़ों ने मेलों एवं झूलों का आनंद लिया। वहीं रात तक दावतों और मुबारकबाद का सिलसिला जारी रहा।
मुस्लिम इस्लाह कमेटी ने जताया आभार-- ईद-उल-अज़हा का पर्व भाईचारे और शालीनता के साथ सम्पन्न होने पर मुस्लिम इस्लाह कमेटी के हाजी क़दीर सोनी,सरदार हामिद हुसैन, हाजी मक़बूल अहमद रज़वी, हाजी शेख जमील नियाज़ी, पप्पू वसीम खान, मतीन अंसारी, हाजी मुईन खान, जमा खान, बाबा रिजवान, अमीन कुरैशी, प्यारे साहब, मुबारक क़ादरी, सैयद क़ादिर अली क़ादरी, हाजी तौसीफ रज़ा, अकबर खान सरवर, याकूब अंसारी, नियाज़ मंसूरी, हाजी हामिद मंसूरी, शमीम अंसारी गुड्डू, अशरफ मंसूरी, शाकिर कुरैशी, सैयद शौकत अली, जवाहर कादरी, एजाज़ उस्मानी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संस्कारधानी वासियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।