Jabalpur News: सदर मेहंदी बाग में आर्मी सर्वे से मचा हड़कंप, 50 से ज्यादा परिवारों को सताने लगा बेदखली का डर
आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। सदर बाजार मुख्य मार्ग से लगे हुए मेंहदीबाग बंगले की जमीन पर बने मकानों को लेकर चल रहे आर्मी स्टेशन सेल के सर्वे से हड़कंप मचा हुआ है। यहां रह रहे परिवारों को यह डर सताने लगा है कि सर्वे के बाद उन्हें उक्त जगह से बेदखल कर दिया जाएगा। दरअसल, केंद्र सरकार कैंट के सिविल एरिया को समीपस्थ निकायों के हवाले करने की दिशा में कदम आगे बढ़ा रही है।
इस बीच आर्मी ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले बंगलों व बगीचों को लेकर सर्तकता बरतना शुरू कर दी है। आर्मी स्टेशन सेल ने कैंट सीमा में आने वाले ओल्ड ग्रांट बंगलों का आडिट शुरू कर दिया है। इस आडिट के पीछे सुरक्षा का हवाला दिया जा रहा है। इस आडिट या सर्वे के दौरान आर्मी स्टेशन सेल के अधिकारियों के साथ ही डिफेंस ईस्टेट आफिस (डीईओ), मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विंस (एमईएस) अधिकारियों को शामिल किया गया है।
इधर,पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष अभिषेक चिंटू चौकसे एवं युवा कांग्रेस के नेता राहुल रजक का कहना है कि सर्वे के दौरान यहां की पीढ़ियों से रह रहे परिवारों को डराया जा रहा है, यह सरासर ग़लत तरीका है। उन्होंने ने बताया कि स्टेशन सेल की टीम मेहंदी बाग पहुंचकर हर घर का सर्वे कर रही है और रहवासियों को यह कहा जा रहा है कि यह सब आर्मी की जमीन है। यह खाली करनी होगी।
उल्लेखनीय है कि कैंट जबलपुर में करीब 29 ऐसे बंगले हैं जिन्हें ओल्ड ग्रांड पर दिया गया था। उक्त बंगलों में से ज्यादात्तर में सिविल लोग ही रह रहे हैं। वहीं कुछ बंगले मरम्मत नहीं होने या फिर खाली होने के चलते धराशाही हो चुके हैं। जिनमें से कुछ को आर्मी स्टेशन सेल ने अपने प्रबंधन में भी ले लिया है। वहीं कुछ में अभी भी ग्रांट प्राप्त परिवार रह रहे हैं।