Jabalpur News: पीडब्ल्यूडी मंत्री सिंह ने किया सिहोरा में 26 करोड़ की लागत से बने खितौला आरओबी का लोकार्पण
आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। लोक निर्माण विभाग का ध्येय वाक्य लोक निर्माण से लोक कल्याण तक है और इसी ध्येय वाक्य के अंतर्गत विभाग के जो भी कार्य हो रहे हैं वे लोक कल्याण के लिए ही होते हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने यह बात सिहोरा में खितौला फाटक पर 26 करोड़ की लागत से बने आरओबी के लोकार्पण अवसर पर कहा।
उन्होंने आगे कहा कि जबलपुर जिले में लगभग 3500 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनमें लगभग 400 करोड़ के कार्य सिहोरा विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि वे सिहोरा विधानसभा क्षेत्र की जनता के ऋणी हैं। जब जबलपुर संसदीय क्षेत्र में पार्टी के अध्यक्ष के रूप में तथा बाद में सांसद के रूप में सिहोरा विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहते थे तब क्षेत्र की जनता ने उनका साथ निभाने में अतुल्नीय योगदान दिया। हर सार्वजनिक गतिविधियों में भरपूर सहयोग दिया।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जब भी सिहोरा आना होता था तब खितौला रेलवे ओव्हर ब्रिज की बात प्रमुखता से होती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तथा केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी से इस कार्य के संबंध में चर्चा कर आरओबी के लिए 26 करोड़ की राशि स्वीकृत कराया। बाद में विधानसभा में पहुंच गया लेकिन संयोग से लोक निर्माण का कार्य उन्हें ही मिला।
इस अवसर पर क्षेत्री विधायक संतोष बरकड़े ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के अथक प्रयास से यह आरओबी की अनुपम सौगात मिली है। संपूर्ण मध्यप्रदेश व महाकौशल में वे अपने लोक कल्याण की कार्यशैली से विख्यात हैं। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह के विकास कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रशस्ति पत्र का वाचन किया जिसमें उन्होंने उनके संकल्प शक्ति को जनहित से जोड़कर कहा कि क्षेत्र के आर्थिक, व्यापारिक व समग्र विकास के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया है।
कार्यक्रम को बहोरीबंद विधायक प्रणय प्रभात पांडे ने भी संबोधित कर बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र में किये गये कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास के नये-नये आयाम स्थापित हो रहे हैं, जिससे प्रदेश की तस्वीर बदली है। उल्लेखनीय है कि खितौला आरओबी एक बहुप्रतिक्षित पुल था, जिसे लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग जबलपुर द्वारा बनाया गया। अब खितौला रेल्वे फाटक पर ट्रेनों की आवाजाही से रेल्वे कासिंग का गेट बार-बार बंद होने से घण्टों जाम की स्थिति नहीं बनेगी और स्थानीय निवासियों और आने-जाने वाले वाहनों को सुविधा होने के साथ दुर्घटना की संभावना नहीं रहेगी।