Jabalpur News: मंजूषा नर्सिंग होम सदर की संचालिका पर लापरवाही के आरोप, प्रसुता और अजन्मे बच्चे की मौत के बाद अधिवक्ता संघ पहुंचा एसपी आफिस

Jabalpur News: मंजूषा नर्सिंग होम सदर की संचालिका पर लापरवाही के आरोप, प्रसुता और अजन्मे बच्चे की मौत के बाद अधिवक्ता संघ पहुंचा एसपी आफिस

आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। मंजूषा नर्सिंग एण्ड मेटेनिटी होम सदर की संचालिका पर डिलेवरी में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं। अधिवक्ता संघ ने उक्त मामले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक शिकायत सौंपी है। जिसमें डॉ. मंजूषा एवं उनके हास्पिटल पर प्रकरण दर्ज कर उक्त हॉस्पिटल पर संपूर्ण जांच कर उनका लाइसेंस निरस्त किए जाने की मांग की गई है। मृतिका के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है।

अधिवक्ता बिलाल शाह ने बताया कि गत 28 मई को सुबह 4 बजे उनके छोटे भाई सदर गली नंबर 10 निवासीतनवीर की पत्नि फिरदौस नाज को संपूर्ण जांच रिपोर्ट के साथ मंजूषा नर्सिंग एण्ड मेटेनिटी होम सदर में भर्ती कराया गया था, भर्ती कराने के दौरान वहां उपस्थित डॉ. मंजूषा एवं संपूर्ण स्टाफ द्वारा डिलेवरी नार्मल कराने की बात कही गयी थी एवं उनके द्वारा प्रसुता की फाइल तैयार कर संपूर्ण जांचें की गयी थी।

जिसके बाद सभी परिजन डिलेवरी होने का इंतजार कर रहे थे। उसी दिन डॉ. मंजूषा द्वारा शाम 7 बजे डिलेवरी कराने हेतु प्रसुता को ले जाया गया एवं डिलेवरी कराने की पूरी प्रोसेस की, लेकिन उक्त हॉस्पिटल में किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था नही थी एवं मरीजों की सुरक्षा संबंधी भी कोई व्यवस्था नही थी।

अधिवक्ता बिलाल शाह ने बताया कि डिलेवरी के दौरान डाक्टर द्वारा गर्भ की जगह पर एक बड़ा कट लगा दिया गया, जिससे प्रसुता को अत्याधिक पीड़ा होने लगी, वहीं अत्याधिक रक्त स्त्राव होने लगा। इसके पश्चात डॉ. मंजूषा द्वारा अचानक कहा गया कि यह केस मेरे बस में नही है। प्रसुता पीड़ा से तड़प रही थी, लिहाजा आनन फानन में प्रसुता को दूसरे हॉस्पिटल से लेकर जाने की तैयारी की गई। लेकिन डिस्चार्ज कार्ड और न ही रिफर कार्ड बनवाकर दिया गया। फिर भी प्रसुता की जान बचाने उसे एम्बुलेन्स से मेडिकल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ प्रसुता की मृत्यु हो गयी ।