Jabalpur News: जबलपुर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के नाम पर हुई खरीदी में बड़ा गोलमाल, जांच शुरू

Jabalpur News: जबलपुर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के नाम पर हुई खरीदी में बड़ा गोलमाल, जांच शुरू

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग में खरीदी के नाम पर हुए गोलमाल को लेकर चल रही जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर ने अब जिले में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों के नाम पर हुई उपकरण व अन्य खरीदियों की जांच भी शुरू करा दी है। जांच अधिकारी को हर क्लीनिक पर जा कर खरीदी गई हर सामाग्री का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रारंभिक स्तर में करीब 20 संजीवनी क्लीनिकों की हुई जांच में बड़ा गोलमाल सामने आया है। संजीवनी क्लीनिकों ने नाम पर कम्प्यूटरों की खरीदी की गई, लेकिन वह दर्शाए गए स्थानों में इंस्टॉल ही नहीं हुई। सबसे मजे की बात तो यह रही कि उक्त कम्प्यूटरों के लिए हाल ही में प्रिंटर भी खरीद लिए गए। भौतिक सत्यापन के लिए पहुंचे अधिकारी ने जब जमीनी हकीकत देखी तो वे भी भौंचके रहे गए। जिस बारिखी से जांच कराई जा रही है,उससे साफ नजर आ रहा है कि आरोपियों को जिला प्रशासन आसानी से छोड़ने वाला नही है।

चर्चा तो यह भी है कि उक्त पूरे गोलमाल में शामिल 7 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरूद्ध पुख्ता तत्थों के साथ जिला प्रशासन एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जबलपुर के शहरी क्षेत्रों में करीब 58 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिकों की स्थापना की गई है। इसमें से कुछ को खोल दिया गया है, वहीं चिकित्सकों की नियुक्तियां भी कर दी गई हैं।

लेकिन आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से खोली गई संजीवनी क्लीनिक महज कागजों में ही काम करती नजर आ रही हैं। इस पीड़ा को सत्ताधारी दल के विधायकों ने भी कुछ माह पहले कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित हुई जिला योजना समिति की बैठक में बयां किया था। हालांकि उस समय यह कहते हुए मामले को शांत करा दिया गया था कि चिकित्स व अन्य स्टॉफ नहीं मिल पाने के कारण संजीवनी क्लीनिक वर्किंग नहीं कर रहे हैं।