Jabalpur News: 'जनजातीय गौरव दिवस' समारोह में मुख्यमंत्री ने किया ऐलान, अगले वर्ष से होगी 5000 छात्रावास अधीक्षकों की भर्ती
आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। स्वाधीनता संग्राम में देश के विभिन्न अचंलों में जनजातीय वीरों और जननायकों ने आजादी के लिए अपना लहू बहाया। इन वीरों ने अपना त्याग किया, पर अंग्रेजों को चैन से बैठने नहीं दिया। स्वाधीनता संग्राम के उस प्रारंभिक काल में जनजातीय जननायकों ने जो योगदान दिया, उसे हम भुला नहीं सकते, पर इतिहासकारों और तत्कालीन सरकारों ने इनके योगदान को सिरे से नकार दिया। देश के स्वाधीनता संग्राम में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है, अभूतपूर्व है। यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के नर्मदा जिले से राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस समारोह का देशव्यापी सीधा प्रसारण किया गया। मध्यप्रदेश के जबलपुर में आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी के इस वर्चुअल संबोधन का सभी ने श्रवण किया तथा उनके आह्वान पर देश के सभी जनजातीय वीरों और जननायकों को नमन किया। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उईके विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
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कार्यक्रम में राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विशिष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाले जनजातीय समुदाय के युवाओं, चित्रकारों और सिकल सेल एनीमिया पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टर्स को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर हाल ही में सम्पन्न आईसीसी महिला क्रिकेट विश्वकप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छतरपुर जिले की महिला क्रिकेटर सुश्री क्रांति गौड़ को 1 करोड़ का चेक और प्रशस्ति-पत्र दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश के बड़वानी, आलीराजपुर और जबलपुर में जनजातीय वर्ग के लिए विशेष आयोजन हुए। इनमें केंद्र और प्रदेश के कई मंत्री शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी देशवासियों को वर्चुअली संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे अधिक जनजातीय आबादी मध्य प्रदेश में है। रानी दुर्गावती ने 500 साल पहले मुगल शासकों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ी। इसके साथ ही हमारे कई जनजातीय नायकों- टंट्या मामा, खाज्या नायक, भीमा नायक, शंकर शाह, रधुनाथ शाह, छितू किराड़ ने अपनी जल, जंगल और जमीन के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया।
भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी संस्कृति और गौमाता की रक्षा करते हुए आजादी की लड़ाई लड़ी। मात्र 25 साल की छोटी सी उम्र में भारत माता की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर की धरती पर गोंडवाना के शहीद शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने देशभक्ति की सबसे बड़ी मिसाल पेश की। निमाड़ की पावन धरती पर भील योद्धा भीमा नायक ने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए। खंडवा-बुरहानपुर के टांट्या भील ने अंग्रेजी राज की कमर तोड़ दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल की धरती को एक से बढ़कर एक जनजातीय नायकों की जन्मभूमि और कर्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। महाकौशल की माटी गोंड शासकों के अदम्य शौर्य, साहस और सुशासन की साक्षी है। गोंडवाना के प्रतापी महाराजा शंकरशाह और उनके वीर पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में क्रांति की ज्वाला प्रज्ज्वलित की। राष्ट्रभक्ति भावपूर्ण कविता लिखने पर इन दोनों को तोप से उड़ा दिया गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1923 में जब देश में राष्ट्रव्यापी स्वाधीनता आंदोलन चरम पर था, तब छिंदवाड़ा के जनजातीय नायक बादल भोई अपने साथियों के साथ स्वाधीनता संग्राम में शामिल हो गए।
उनके नेतृत्व में हजारों जनजाति वीरों ने मोर्चा थाम लिया और स्वाधीनता संघर्ष करते हुए अमर बलिदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेशभर के जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास और कल्याण के लिए कुल 662 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 133 विकास कार्यों की सौगात दी गई है। इसमें 564 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 106 विकास कार्यों का लोकार्पण और 98 करोड़ से अधिक लागत के 27 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इसके साथ ही हमने शालिनी ऐप का भी लोकार्पण भी किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विज्ञान पुरस्कार योजना के हितग्राही छात्रों को भी सम्मानित किया गया है।
जनजातीय वर्ग के हित में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित सभी कन्या छात्रावास और आश्रमों का नाम अब वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाएगा। इसी प्रकार बालक छात्रावासों को भी अब महाराजा शंकर शाह के नाम पर संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय छात्रावासों के बेहतर संचालन के लिए छात्रावास अधीक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की आवश्यकता बताते हुए अगले वर्ष से प्रदेश के 5000 छात्रावासों के अधीक्षकों की भर्ती करने की घोषणा की।
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बंधु बोलते थे कि शासन की सभी योजनाओं हमारे हाथों में कैसे आएं। इसके लिए जनजातीय कार्य विभाग ने ऐप तैयार किया है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शालिनी ऐप का लोकार्पण कर दिया गया है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पूरा देश आज जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है।उन्होंने प्रदेश भर में इस समारोह में आए सभी जनजातीय बंधुओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के आरंभ में राज्यपाल मंगु भाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय समुदाय की पारम्परिक वेशभूषा और मोर मुकुट पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गायन एवं समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन गायन से हुआ। कार्यक्रम का परम्परागत जनजातीय विधि से साल, तेंदू और साजा वृक्ष की पूजा तथा दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ हुआ। आयोजन के दौरान आदिवासी धर्मगुरुओं को बिरन माला पहनाकर सम्मानित किया गया, वहीं धर्मगुरुओं ने भी राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत कर वातावरण को और अधिक गरिमामय बना दिया। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियां हासिल करने वाली जनजातीय वर्ग की प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया।