Jabalpur News: किताबों में कमीशन खोरी करने वालों को झटका,एमपी हाईकोर्ट ने एफआईआर खारिज करने की मांग वाली याचिकाएं की खारिज
आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। विद्यालयों द्वारा अनुचित फीस वसूली तथा पाठ्य पुस्तक एवं स्टेशनरी आदि विषयों में आपराधिक साठ गांठ कर कमीशन खोरी किए जाने के मामले में दर्ज की गई एफआईआर. को खारिज करने हेतु दायर की गयी तमाम याचिकाओं को एमपी हाईकोर्ट ने आज खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि विद्यालयों द्वारा अनुचित फीस वसूली तथा पाठ्य पुस्तक एवं स्टेशनरी आदि विषयों में आपराधिक साठ गांठ कर कमीशन खोरी के माध्यम से छात्र एवं अभिभावकों के साथ धोखाधडी का कृत्य कारित किए जाने के कारण कार्यालय कलेक्टर (शिक्षा) जबलपुर के प्रतिवेदन पर विभिन्न थानों अंतर्गत प्राथमिक सूचना रिपोर्ट वर्ष 2024 में दर्ज की गयी थी।
प्रकरणों में आरोपित स्कूल प्रिंसिपलों, प्रबंधन समितियों और पुस्तक विक्रेता जो अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और आरोप पत्र (chargesheets) को रद्द करवाना चाहते थे, उनके द्वारा न्यायालय में याचिकाएं दायर की गयी थीं। न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ताओं के तर्क ‘‘तथ्यों के विवाद’’ से जुड़े हैं, जिनका फैसला केवल ट्रायल (मुकदमे) के दौरान साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।
चूंकि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध के सबूत मौजूद हैं, इसलिए एफआईआर को रद्द नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभिलेखों में पर्याप्त सामग्री मौजूद है जो याचिकाकर्ताओं की स्कूल प्रबंधन, चयनित पुस्तक विक्रेताओं और प्रकाशकों के साथ मिलकर रची गई एक बड़ी साजिश की संलिप्तता को दर्शाती है।
इस साजिश का उद्देश्य नकली या डुप्लिकेट ISBN वाली पुस्तकों के प्रसार और एकाधिकारवादी आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण के माध्यम से अवैध वित्तीय लाभ अर्जित करना था। यह मामला किसी भी अपवाद श्रेणी में नहीं आता जिसके लिए इस स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। तदनुसार, सभी याचिकाएँ योग्यताहीन होने के कारण खारिज की जाती हैं।