Jabalpur News: सुबह 9:11 बजे विसर्जित हुईं "जबलपुर की महारानी" पड़ाव की मां महाकाली

Jabalpur News: सुबह 9:11 बजे विसर्जित हुईं "जबलपुर की महारानी" पड़ाव की मां महाकाली

आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। लटकारी का पड़ाव में स्थापित 'जबलपुर की महारानी' के नाम से प्रसिद्ध महाकाली का विसर्जन सुबह करीब 9:11 बजे महाआरती के बाद भटौली कुंड में एयरबूम क्रेन से किया गया। रविवार की शाम पड़ाव से निकला महाकाली की भव्य विसर्जन शोभायात्रा तकरीबन 15 किलोमीटर चलकर ऐतिहासिक भीड़ के साथ ग्वारीघाट स्थित भटौली कुंड के समीप सुबह 8 बजकर 19 मिनट पर पहुंचा।

पड़ाव के लेकर ग्वारीघाट तक पूरे रास्ते घर के बाहर भक्तजन माता की अगवानी आरती के लिए पूजा की थाल लेकर खड़े रहे। विसर्जन कुंड के पास आरती-पूजन के बाद 9:11 बजे मातारानी का विधि विधान से विसर्जन किया गया। जुलूस से लेकर विसर्जन होने तक कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

पड़ाव वाली महाकाली के पीछे एक और महाकाली का भव्य जूलूस भी पीछे पीछे चल रहा था। ग्वारीघाट रोड पर महाकाली की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर बच्चे, महिलाएं एवं बुजुर्गों ने सारी रात रतजगा किया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन कई अधिकारी कुंड तक पहुंचे थे।

पड़ाव से लेकर ग्वारीघाट तक महाकाली के भक्तों के लिए मार्ग में 70-80 से अधिक भण्डारों का आयोजन किया गया। समाजसेवियों के साथ अनेक लोगों ने स्वागत मंच के साथ भण्डारा का आयोजन किया। उल्लेखनीय है कि भण्डारा का आयोजन करने वाले प्रदेश के कई शहरों से भी जबलपुर पहुंचे थे।

सुबह 4 बजे से सक्रिय हुए नगर निगम के अधिकारियों सहित सफाई कर्मचारियों ने सड़कों को पूरी तरह से क्लीन कर दिया। दशहरा जैसे रहा माहौल महाकाली के विसर्जन जुलूस में उम्मीद से अधिक भीड़ होने से शहर में दूसरे दशहरा जैसा महौल रहा। श्रृद्धालु पूरी रात महाकाली के दर्शन के लिए सड़कों में आते-जाते देखे गए। भीड़ में इस बात की चर्चा भी रही कि, इस साल जैसे भक्तों की भीड़ इससे पहले कभी नहीं देखी, और न ही पुलिस- प्रशासन की इस तरह की व्यवस्था रही है।