Jabalpur News: श्रमिकों की मजदूरी दबाए बैठे बीट गार्ड की भूमिका की होगी जांच, वन विकास निगम डीएम ने बैठाई विभागीय जांच
आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम की कुंडम परियोजना मंडल के चिरापोंडी परिक्षेत्र की बलिवाड़ा बीट के कम्पार्टमेंट क्रमांक-154 में कंटूर ट्रेंच, पौधारोपण के लिए गड्ढे करने के काम में लगे उमरिया जिले के लगभग 25 श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान नहीं किए जाने के मामले में जबलपुर कलेक्टर की कार्यवाही से हडकंप मचा हुआ है।
अब इस मामले में संभागीय प्रबंधक कुंडम परियोजना ने विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं, मुख्य रूप से श्रमिकों से काम तो करा लेने के बाद मजदूरी का बड़ा हिस्सा बीट गार्ड द्वारा क्यों रोका गया था,इसकी जांच होगी। भुगतान रोकने के पीछे बीटगार्ड की क्या मंशा थी।
वहीं भुगतान से जुड़े अन्य अधिकारियों की भूमिका भी देखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि भुगतान नही मिलने पर श्रमिको ने 2 जून को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से गुहार लगाई थी। जिसके बाद कलेक्टर ने पूरे मामले में गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को जल्द भुगतान के निर्देश दिए थे।
कलेक्टर की सख्ती को देख हरकत में आए श्रम और वन विभाग के अधिकारियों ने उमरिया जिले के इन श्रमिकों को 3 लाख 86 हजार रुपए की बकाया मजदूरी का भुगतान किया। साथ ही श्रमिकों और उनके परिवारजनों को रात हो जाने की वजह से बस से उमरिया तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।
डीएम वन विकास निगम कुंडम परियोजना मोहित सूद ने बताया कि श्रमिकों के भुगतान में क्यों देरी हुई इस मामले में विभागीय जांच कराई जा रही है, देरी के कारणों व संबंधित बीट गार्ड की भूमिका की भी जांच की जाएगी।