Jabalpur News: आंखो में काली पट्टी बांध एनएसयूआई का विरोध, JNKVV प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Jabalpur News: आंखो में काली पट्टी बांध एनएसयूआई का विरोध, JNKVV प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (JNKVV) जबलपुर परिसर में छात्र–छात्राओं की सुरक्षा, छात्रावास, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सचिन रजक के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में जमकर प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं ने सहभागिता की। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी आँखें बंद कर रखी हैं।

प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा विश्वविद्यालय परिसर में घटित अत्यंत गंभीर आपराधिक घटना रही, जिसमें विश्वविद्यालय के कर्मचारियों द्वारा छात्रा के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध की बात सामने आई है। जिलाध्यक्ष सचिन रजक ने आरोप लगाया कि यह घटना विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र एवं त्वरित कार्रवाई प्रणाली की गंभीर विफलता को उजागर करती है।

संगठन ने कहा कि पूर्व में भी छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें प्रशासन के संज्ञान में लाई गई थीं, किंतु समय रहते ठोस कदम न उठाए जाने के कारण आज ऐसी भयावह स्थिति उत्पन्न हुई। ज्ञापन के माध्यम से एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय परिसर में समुचित सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाने, त्वरित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।

साथ ही छात्रावासों की बदहाल स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। नर्मदा छात्रावास के लिए पूर्व में घोषित 10 लाख रुपये की राशि के उपयोग की स्थिति अस्पष्ट होने, एनएससीबी छात्रावास के ध्वस्तीकरण की प्रगति न होने, कई छात्रावासों में आरओ प्रणाली के लंबे समय से खराब रहने, जल टंकियों के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद मरम्मत में देरी, सफाई व्यवस्था की कमजोरी तथा आपातकालीन एंबुलेंस सुविधा के अभाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

प्रथम वर्ष के छात्रावासों की स्थिति को विशेष रूप से संवेदनशील बताते हुए एनएसयूआई ने कहा कि वार्डन का संपर्क में न रहना, आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव तथा बुनियादी सुविधाओं की कमी नए छात्रों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। प्रदर्शन के उपरांत छात्रों ने माननीय कुलगुरु को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसके पश्चात छात्र नेताओं के साथ विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण कुलगुरु महोदय एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया।

जिसमें सुरक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, छात्रावासों एवं बुनियादी सुविधाओं में सुधार तथा छात्रों की अन्य मांगों पर आवश्यक और समयबद्ध कदम उठाने का आश्वासन दिया। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन छात्रहित में आंदोलन को और अधिक व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष सचिन रजक ,करन तामसेतवार, प्रदेश सचिव अनुज यादव, पुष्पेन्द्र गौतम,अनिल मिश्रा, अभिषेक पटेल, शुभम यादव, राहुल रजक, अभिषेक पटेल,अपूर्व, मो जीशान, सुधीर रजक, अमन जैन सहित भारी संख्या मे छात्र उपस्थित थे।