Jabalpur News: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के मेंबर ने जाना ठेका कर्मियों दर्द, बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी

Jabalpur News: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के मेंबर ने जाना ठेका कर्मियों दर्द, बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी

आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। शहर में दो दिवसीय निरीक्षण व बैठकों के बाद शुक्रवार को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के मेंबर प्रियंक कानूनगो ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि उनके सामने सबसे ज्यादा ठेका सफाई कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान से भी कहीं कम वेतन का भुगतान किए जाने संबंधी शिकायतें आई हैं।

उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर किस्म का अपराध है, हमने नगर निगम के प्रतिनिधि को आज यह बात वीडियो एविडेंस के माध्यम अवगत करायीं है। श्रम अधिकारी के प्रतिनिधि को भी इन समस्याओं के बारे में बताया है। अब दिल्ली पहुंचकर स्थानीय प्रशासन को इस बारे में नोटिस जारी करेंगे। 

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के मेंबर प्रियंक कानूनगो ने बताया कि एससी-एसटी सफाई कर्मियों को आधे से भी कम वेतन दिया जा रहा है। यह मजदूरों का शोषण है, इसे हम बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। श्री कानूनगो ने उनके पास शिकायत लेकर पहुंचे चंदन बाल्मीकि के मामले का हवाला देते हुए कहा कि यह रेलवे में पिछले कई वर्ष से ठेकेदार के साथ नियोजित हैं।

वेतन आने पर ठेकेदार एटीएम से आधा वेतन निकाल लेते हैं। भारत सरकार ठेकेदारों को पूरा भुगतान कर रही है, लेकिन ठेकेदार ऐंसे कर्मियों के साथ भेदभाव कर रहे हैं, जो कि सरासर गलत है। उन्होंने पुलिस को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों की गैर मौजूदगी पर उठाए सवाल-

पत्रकारवार्ता के दौरान श्री कानूनगो विभागीय अधिकारियों की बैठक में गैर मौजूदगी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि शुक्रवार की बैठक में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं पहंचे। इसके साथ ही बीते बुधवार को परियट क्षेत्र में डेयरी से नदियों में होने वाली गंदगी का दौरा करने पहुंचे। वहां पर उन्होने कलेक्टर के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को मौके पर बुलाया, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी वहां पर भी नहीं पहुंचे।