Jabalpur News: खुद को भाजपा नेता बता मुख्यमंत्री और महापौर ‘अन्नू’ के नाम का इस्तेमाल कर बेरोजगारों से ठगी, शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

Jabalpur News: खुद को भाजपा नेता बता मुख्यमंत्री और महापौर ‘अन्नू’ के नाम का इस्तेमाल कर बेरोजगारों से ठगी, शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। शहर में भाजपा नेता और कथित राजनीतिक रसूख के दम पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सैनिक सोसायटी शक्ति नगर निवासी बीजेपी नेता रघु तिवारी पर आरोप है कि उसने खुद को मुख्यमंत्री और महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ का करीबी बताकर बेरोजगार युवाओं एवं उनके परिवारों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया।

आरोप है कि अनुकंपा नियुक्ति, पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक पद और अन्य शासकीय नौकरियां लगवाने के नाम पर अलग-अलग लोगों से रुपये वसूले गए। मामले को लेकर बेलबाग थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोपी पर धोखाधड़ी, रकम हड़पने, धमकी देने और राजनीतिक प्रभाव का भय दिखाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ितों ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, दस्तावेज और विभागीय पत्राचार भी सौंपे हैं। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक रघु तिवारी खुद को भाजपा से जुड़ा सक्रिय नेता बताता था और दावा करता था कि उसकी मुख्यमंत्री तक सीधी पहुंच है। आरोप है कि वह लोगों से कहता था कि मुख्यमंत्री स्तर से सरकारी विभागों में नियुक्तियां कराई जा सकती हैं और बड़े अधिकारियों पर उसका प्रभाव है।

शिकायतकर्ताओं ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी रघु तिवारी खुद को महापौर जगत बहादुर सिंह “अन्नू” के करीबी के रूप में प्रस्तुत करता था। पीड़ितों का आरोप है कि महापौर अन्नू का नाम लेकर राजनीतिक पहुंच और प्रभाव का भरोसा दिलाया जाता था, जिससे लोगों को विश्वास हो जाता था कि नौकरी और अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाएगी। हालांकि, पूरे मामले में महापौर अन्नू की किसी प्रत्यक्ष भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 

छोटी ओमती निवासी निशांत सिंह ने शिकायत में बताया कि उनके पिता सीओडी फैक्ट्री खमरिया में कार्यरत थे। पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान उनकी मुलाकात रघु तिवारी से हुई, जिसने खुद को मुख्यमंत्री और बड़े नेताओं का करीबी बताते हुए नौकरी जल्दी लगवाने का भरोसा दिया।शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शुरुआत में 3 लाख रुपये की मांग की।

निशांत सिंह का आरोप है कि उनकी मां ने जेवर गिरवी रखकर और कर्ज लेकर 1 लाख 10 हजार रुपये की व्यवस्था की, जो आरोपी को दिए गए। इसके बाद भी आरोपी लगातार अतिरिक्त रकम मांगता रहा और हर बार नौकरी जल्द लगने का आश्वासन देता रहा। पीड़ित का कहना है कि बाद में विभागीय जानकारी लेने पर पता चला कि नौकरी संबंधी कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी थी। आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने राजनीतिक रसूख और नेताओं से संबंध होने का डर दिखाकर धमकियां देना शुरू कर दिया।

नाबालिग बेटे को एसआई बनाने का दावा- व्यवसायी महिला रूपा अरोरा ने भी शिकायत में आरोप लगाया है कि रघु तिवारी ने उनके नाबालिग बेटे को पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक बनाने का भरोसा दिया। शिकायत के अनुसार आरोपी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बड़े नेताओं से उसकी सीधी पहचान है तथा दस्तावेजों में बदलाव कर नौकरी लगवाई जा सकती है।रूपा अरोरा के मुताबिक आरोपी ने इस काम के लिए 8 लाख रुपये खर्च होने की बात कही और धीरे-धीरे रकम लेना शुरू कर दिया। आरोप है कि बेटे के दस्तावेज, फोटो और अन्य कागजात भी आरोपी को सौंप दिए गए थे, लेकिन लंबे समय तक केवल आश्वासन मिलता रहा। 

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