Jabalpur News: कुंडम रिश्वत कांड़ की जांच पूरी, झूठी निकली शिकायत
आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। कुंडम तहसील की बेलबाई बैगा द्वारा पटवारी को रिश्वत के तौर पर नामान्तरण के लिए 20 हजार रुपए देने के कथित आरोप पर जांच पूरी कर ली गई है। जांच में पाया गया कि तहसील कार्यालय कुंडम द्वारा फौती नामान्तरण के प्रकरण का जानबूझकर निराकरण नहीं करने, अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने तथा वन विभाग पर पेडों की कटाई के शिकायत में लगाये गये आरोप निराधार हैं।
एसडीएम कुंडम और उप वनमण्डल अधिकारी कुंडम द्वारा की गई जांच में खुद बेलबाई ही नहीं बता सकी की उससे किसने रिश्वत मांगी थी और किसे उसने रिश्वत की रकम सौंपी। बेलबाई ने शिकायत में जिन पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाये थे जांच के दौरान उनकी फोटो भी वह नहीं पहचान सकी। फोटो से पहचान नहीं करने की वजह नजर कमजोर होना बताया।
यही नहीं वर्तमान और पूर्व में पदस्थ तहसीलदार एवं वर्तमान में और पूर्व पदस्थ पटवारी तथा तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू की फोटो दिखाये जाने पर बेलबाई के पुत्र राजेन्द्र प्रसाद बैगा ने बताया कि इनमें से किसी को भी उनके द्वारा पैसे नहीं दिया गये। ज्ञात हो कि तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर नामांतरण के लिये रिश्वत लेने के प्रसारित समाचार को संज्ञान में लेकर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने एसडीएम कुंडम प्रगति गणवीर को पूरे मामले की जाँच के निर्देश दिये थे।
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम कुंडम एवं उप वन मंडल अधिकारी कुंडम द्वारा प्रकरण में जांच पूरी कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। जांच में खुद बेलबाई बैगा ने माना कि टिकरिया की उसके पति के नाम दर्ज 0.18 हेक्टेयर जमीन का फौती नामांतरण वर्ष 2021 में ही हो गया है। इसकी जानकारी उसे और उसके पुत्र को भी है। बेलबाई ने अपने बयानों में बताया कि फौती नामांतरण नहीं किये जाने की शिकायत उसने लाल सिंह बघेल नाम के व्यक्ति के कहने पर की थी। शिकायत में क्या लिखा है उसे इसकी जानकारी भी नहीं है।
शिकायत पर उसने केवल अपना अंगूठा भर लगाया है। एसडीएम कुंडम प्रगति गणवीर ने बताया कि बेलबाई के पति जंगलिया के नाम टिकरिया ग्राम के अलावा ग्राम नारायणपुर में भी 0.90 हेक्टेयर भूमि दर्ज है। टिकरिया की भूमि का फौती नामांतरण वर्ष 2021 में ही हो गया था। जबकि ग्राम नारायणपुर की भूमि के फौती नामांतरण के लिये बेलबाई बैगा द्वारा अभी तक कोई भी आवेदन नहीं दिया गया है। जाँच के दौरान इस तथ्य को उसने खुद भी स्वीकार किया है। बेल बाई बैगा के पति जंगलिया के नाम नारायणपुर में दर्ज भूमि पर टिकरिया के सुक्कू सिंह द्वारा खेती की जा रही थी।
बेलबाई बैगा ने इस भूमि पर वन विभाग द्वारा पेड़ काटने और मौके से ले जाने की शिकायत भी की थी। मई 2020 में बेलबाई बैगा के पति के नाम से इस भूमि पर सतकठा प्रजाति पेड़ों के विदोहन के बाद उनके विक्रय के लिये टीपी प्रदान करने आवेदन वन परिक्षेत्र कुंडम को प्राप्त हुआ था। वन विभाग ने इस आवेदन के आधार पर बेलबाई बैगा को पत्र भेजकर पति की मृत्यु के कारण अपर कलेक्टर ग्रामीण से संशोधित आदेश प्राप्त करने कहा गया, लेकिन अभी तक ऐसा आदेश नहीं प्रस्तुत नहीं किये जाने पर टीपी सबंधी आवेदन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी। वर्तमान में इस भूमि पर सागौन के 42 और सतकठा प्रजाति के 5 पेड़ लगे हुये हैं।
पटवारी को शोकॉज नोटिस :- रिश्वत लेने के लगाए गये आरोपों की जाँच के साथ-साथ बेलबाई बैगा की शिकायत पर नारायणपुर स्थित भूमि की मौजूदा स्थिति की भी एसडीएम कुंडम द्वारा राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त दल गठित कर जांच कराई गई। बेलबाई बैगा से हाल ही में जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन पर एसडीएम कुंडम ने नारायणपुर के तत्कालीन पटवारी पियूषकांत विश्वकर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस इस वजह से जारी किया गया है कि जंगलिया बैगा की वर्ष 2019 में मृत्यु हो जाने के बाद भी पटवारी को उनके फौत होने की जानकारी क्यों नहीं पता चली, जबकि पटवारियों द्वारा ग्राम सभाओं के आयोजनों में नियमित रूप से बी-1 का वाचन किया जाता है। पटवारी को कारण बताओ नोटिस का जबाब तीन दिन के भीतर देने की हिदायत दी गई और संतोषजनक या समय पर जबाब नहीं मिलने की स्थिति में कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।