आदि महोत्सव दिल्ली में दिखेगी देश की जनजातीय संस्कृति की झलका, PM मोदी ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी की 16 फरवरी को राजधानी दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आदि महोत्सव 2023 का उद्घाटन किया। दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में भारत की जनजातीय कला-संस्कृति, शिल्प, शैली और पारंपरिक कला को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

आदि महोत्सव दिल्ली में दिखेगी देश की जनजातीय संस्कृति की झलका, PM मोदी ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन

दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी की 16 फरवरी को राजधानी दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आदि महोत्सव 2023 का उद्घाटन किया। इस दौरान आदिवासी मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा भी पीएम मोदी के साथ थे। आदि महोत्सव के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने आदिवासियों के भगवान कहे जाने वाले बिरसा मुंडा को नमन किया। इसके बाद वो आदि महोत्सव में लगाए गए विभिन्न स्टॉल तक पहुंचे। उन्होंने स्टॉल में दिखाई जा रही चीजों के बारे में जानकारी ली। इस कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, शिल्प, खान-पान, वाणिज्य और पारंपरिक कला को प्रदर्शित किया जा रहा है। इस महोत्सव में जनजातीय समुदायों द्वारा उपजाए जाने वाले श्री अन्न कार्यक्रम का केंद्र-बिंदु है। प्रधानमंत्री मोदी देश की जनजातीय आबादी के कल्याण के लिये लगातार कई तरह के कदम उठाते रहे हैं। इसके साथ ही वे देश की उन्नति और विकास में जनजातीय समुदाय के योगदान को उचित सम्मान भी देते रहे हैं। राष्ट्रीय मंच पर जनजातीय संस्कृति को प्रकट करने के इन्ही प्रयासों के तहत प्रधानमंत्री आदि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

आदि महोत्सव जनजातीय संस्कृति, शिल्प, खान-पान, वाणिज्य और पारंपरिक कला का उत्सव मनाने वाला कार्यक्रम है। यह जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ लिमिटेड (ट्राइफेड) की वार्षिक पहल है। इस वर्ष इसका आयोजन 16 से 27 फरवरी तक दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में किया जा रहा है।

कार्यक्रम में देशभर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध और विविधतापूर्ण धरोहर को प्रदर्शित किया जायेगा। इसके लिये आयोजन-स्थल पर 200 से अधिक स्टॉल लगाये जायेंगे। महोत्सव में लगभग एक हजार जनजातीय शिल्पकार हिस्सा लेंगे।

वर्ष 2023 से अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष मनाया जा रहा है, जिसके साथ हस्तशिल्प, हथकरघा, मिट्टी के पात्र बनाने की कला, आभूषण कला आदि भी आकर्षण होंगे। महोत्सव में जनजातीय समुदायों द्वारा उपजाये जाने वाले श्री अन्न को केंद्र में रखा गया है।

11 दिवसीय आदि महोत्सव मेले में 28 राज्यों के लगभग 1000 आदिवासी कारीगर और कलाकार शामिल होंगे। 13 राज्यों के आदिवासी रसोइए मिलेट्स में जायके का तड़का लगाएंगे। आदिवासी संस्कृति शिल्प, व्यंजन, व्यापार और पारंपरिक कला की भावना का जश्न मनाने वाला आदि महोत्सव जनजातीय मामलों के मंत्रालय के तहत जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमेटेड की एक पहल है।