मेडिकल छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म; सूरत में फैक्टरी में लगी आग, 14 मजदूर झुलसे

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि अब तमिलनाडु में एक और नर्सिंग छात्रा के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपियों ने नर्सिंग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद आरोपी उसे डिंडीगुल रेलवे स्टेशन के पास छोड़ कर फरार हो गए। तमिलनाडु के डिंडीगुल जिला एसपी प्रदीप ने बताया कि थेनी की एक नर्सिंग छात्रा का अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में आरोपियों ने उसे डिंडीगुल रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया जहां उसने पुलिस से मदद मांगी। पीड़िता को डिंडीगुल सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। लड़की की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आगे की जांच जारी है।
सूरत में आभूषण बनाने वाली फैक्टरी में आग लगने से 14 मजदूर झुलस गए। दो श्रमिकों की हालत गंभीर है। सूरत नगर निगम के प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी बसंत पारीक ने बताया कि फैक्टरी की तीसरी मंजिल पर आभूषण बनाने के लिए सोना पिघलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस पाइपलाइन में रिसाव के बाद आग लग गई। इसमें 14 कर्मचारी झुलस गए। पारीक ने कहा आग पर काबू पाने के लिए छह दमकल गाड़ियों को भेजा गया। आग पर तत्काल काबू पा लिया गया।
डिंडीगुल में जमीन में आई दरार, डीएमके विधायक आईपी सेंथिल बोले- लोग घबराएं नहीं
डिंडीगुल स्थित कोडाइकनाल के किलावराई गांव में जमीन में दरार आने के बाद आज जिला प्रशासन, राजस्व और भूविज्ञान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया। डीएमके विधायक आईपी सेंथिल कुमार ने कहा कि डिंडीगुल के सांसद और मैंने अधिकारियों के साथ जगह का निरीक्षण किया है। हम भूवैज्ञानिक विभाग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह घबराएं नहीं, सरकार उनके साथ है।
कई मुस्लिम संगठनों ने किया वक्फ संशोधन बिल का समर्थन : रिजिजू
संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने वाले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि कई मुस्लिम संगठनों ने भी विधेयक का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, संसदीय समिति को विधेयक के लिए रिकॉर्ड संख्या में सिफारिशें प्राप्त हुई हैं। कुछ लोग ये मिथ्या प्रचार कर रहे हैं कि सरकार मुसलमानों की संपत्तियां छीनने का प्रयास कर है। ये दुष्प्रचार बंद होना चाहिए।
विकसित भारत-युवा कनेक्ट' कार्यक्रम से इतर मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने कहा, संयुक्त संसदीय समिति की ओर से किए जा रहे प्रयास वक्फ कानून में सुधार के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय पहल का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल समुदाय के व्यापक हित के लिए किया जाए। जेपीसी वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 के कई प्रमुख पहलुओं पर चर्चा कर रही है। इसमें रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, सख्त ऑडिट, अतिक्रमण के लिए बेहतर कानूनी सहारा और वक्फ प्रबंधन का विकेंद्रीकरण शामिल है। उन्होंने कहा, किसी ने कभी नहीं सोचा था कि जेपीसी को करोड़ों की संख्या में सिफारिशें प्राप्त होंगी। अगर 1,000 सिफारिशें या अभ्यावेदन भी प्राप्त होते हैं, तो हम इसे एक बड़ी संख्या मानते हैं। सरकारी किसी भी हिंदू, बौद्ध, ईसाई या सिख की जमीन नहीं छीनने जा रही है।
सीए मौत मामले में ईवाई की गलती तो कार्रवाई: मांडविया
पुणे स्थिति ईवाई ग्लोबल की सदस्य कंपनी एसआर में कार्यरत सीए एना सेबेस्टियन पेरायिल की काम के अत्यधिक बोझ से मौत के मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने पूरे मामले में एक हफ्ते में रिपोर्ट तलब करने के साथ कहा है कि गलती पाए जाने पर कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी में शोषणकारी कार्य वातावरण की भी जांच चल रही है।
मांडविया ने की मौत पर दुख जताते हुए कहा, मंत्रालय ने राज्य के अधिकारियों से जानकारी मांगी है। रिपोर्ट आने में एक सप्ताह या अधिक से अधिक दस दिन का समय लगेगा। ऐसे में वह इस बारे में रिपोर्ट आने के बाद ही विस्तार से कुछ कह पाएंगे। हां, यदि रिपोर्ट में संस्थान की गलती पाई गई तो हम हर स्तर पर कार्रवाई करेंगे। इसी साल जुलाई में कंपनी में कार्यरत 26 वर्षीय सीए एना की मौत हो गई। इसके बाद उनकी मां ने कंपनी के चेयरमैन को पत्र लिख कर इसके लिए उस पर डाले गए काम के अत्यधिक बोझ को जिम्मेदार ठहराया था। मां ने अपने पत्र में मृतक बेटी के अंतिम संस्कार में कंपनी के एक भी प्रतिनिधि के उपस्थित नहीं होने पर भी क्षोभ जताया था।
विवाद गहराने के बाद कंपनी ने रखा अपना पक्ष
एना की मौत के बाद उनकी मां की ओर से पत्र लिख कर लगाए गए आरोप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद कंपनी ने पहली बार इस मुद्दे पर सफाई दी। कंपनी ने कहा था कि कोई भी उपाय परिवार को हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता, फिर भी कंपनी ने सभी प्रकार की सहायता प्रदान की है और आगे भी प्रदान करती रहेगी।
राज्यमंत्री करांदलाजे ने दिया था न्याय का भरोसा
इस मामले में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने एना की मौत पर दुख जताया था। उन्होंने भी कहा था कि संबंधित कंपनी में कामकाज के वातावरण की जांच चल रही है। सरकार पीड़ित को न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा के सामने आज 400 विद्रोही डालेंगे हथियार
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में मंगलवार को लगभग 400 विद्रोही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा के सामने अपने हथियार डाल देंगे। ये उग्रवादी नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के हैं।
गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इसे लेकर 4 सितंबर को दिल्ली में गृह मंत्री