Jabalpur News: चिंगम की हत्या का 24 घंटे के अंदर हुआ खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

Jabalpur News: चिंगम की हत्या का 24 घंटे के अंदर हुआ खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

आर्य समय संवाददाता जबलपुर। थाना संजीवनी नगर अंतर्गत चौकी धनवंतरी नगर में 22 मई को आरोग्यम् अस्पताल के पीछे एक कमरे में मिली युवक सुरेन्द्र उर्फ चिंगम नामक युवक की लाश मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सुरेन्द्र प्रधान उर्फ चिंगम की गला घोंटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने इस हत्या में शामिल आरोपी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि इस हत्या के मामले आयुष यादव पिता राजेन्द्र यादव उम्र 25 साल निवासी सागर कालोनी चौकी धनवंतरी को गिरफ्तार किया गया है। ​

संजीवनी नगर पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, परसवाड़ा का रहने वाला सुरेंद्र ठाकुर उर्फ चिंगम पिछले कुछ समय से पूर्व सरपंच राजू पटेल के धनवंतरि नगर स्थित एक पुराने मकान में केयर टेकर के तौर पर रह रहा था। रोजमर्रा की तरह शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे सुरेंद्र का भाई अरविंद ठाकुर उसे खाना देने के लिए उस मकान पर पहुंचा था। अरविंद जब घर के भीतर दाखिल हुआ, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गया। सुरेंद्र जमीन पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके गले में एक गमछा लिपटा हुआ था और हाथ की कलाई कटी हुई थी, जिससे काफी खून बह चुका था। इस घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद संजीवनी नगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर तफ्तीश आगे बढ़ाई।

कैसे खुला राज--

​अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने जब मृतक के आसपास के लोगों और उसके संपर्कों की पड़ताल शुरू की, तो एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि सुरेंद्र ठाकुर को आखिरी बार सागर कॉलोनी, धनवंतरि नगर के रहने वाले आयुष यादव के साथ देखा गया था।

इस जानकारी के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन कार्रवाई करते हुए आयुष यादव को अभिरक्षा में ले लिया और उससे मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में आनाकानी करने के बाद जब पुलिस ने कड़ाई से सवाल-जवाब किए, तो आरोपी आयुष टूट गया और उसने सुरेंद्र की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया। ​

मारपीट से तंग आकर दिया वारदात को अंजाम -

आरोपी आयुष यादव ने पूछताछ में खुलासा किया कि मृतक सुरेंद्र ठाकुर एक आदतन बदमाश था और वह अक्सर उसके साथ बिना किसी वजह के मारपीट और गाली-गलौज किया करता था। सुरेंद्र की इस रोज-रोज की प्रताड़ना और मारपीट से आयुष बेहद परेशान हो चुका था और उसने मन ही मन सुरेंद्र को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया था।

गुरुवार की रात को सुरेंद्र और आयुष साथ में मौजूद थे और सुरेंद्र अत्यधिक नशें की हालत में था। सुरेंद्र को नशे में पूरी तरह बेसुध देखकर आयुष ने मौके का फायदा उठाया। उसने सबसे पहले गमछे से सुरेंद्र का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद, खुद को कानून की नजरों से बचाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने चाकू से सुरेंद्र की कलाई काट दी, ताकि यह पूरी वारदात एक आत्महत्या जैसी नजर आए।