Jabalpur News: गुड फ्राइडे पर होली ट्रिनिटी चर्च में प्रभु येसु की क्रूस की दुख:मयी यात्रा का हुआ सजीव मंचन

Jabalpur News: गुड फ्राइडे पर होली ट्रिनिटी चर्च में प्रभु येसु की क्रूस की दुख:मयी यात्रा का हुआ सजीव मंचन

आर्य समय संवाददाता, जबलपुर । "ज़मीं रो उठी आसमां रो उठा, हमारा मसीह क्रूस उठा के चला.... येरुसलेम की गली गली में, हुजूम सा है.... जिसने सलीब उठाया , अपना लहू बहाया... रोता है सारा जहां, प्यारे मसीहा कहां...हे मेरे लोगों मैने तुम्हारा क्या बिगाड़ा..., क्रूसित येसु की सुन ले पुकार" जैसे दु:ख भरे गीत गाते हुए आज नगर के मुख्य मार्गों पर मसीही समुदाय का 4000 से भी अधिक विश्वासियों का विशाल हुजूम उमड़ पड़ा।

ये अवसर था पुण्य शुक्रवार अर्थात गुड फ्राइडे का जहां बालक येसु के तीर्थस्थल, होली ट्रिनिटी चर्च द्वारा प्रभु येसु के दु:खभोग एवं क्रूस की दु:खमयी यात्रा का सजीव मंचन किया गया। क्रूस यात्रा प्रात: 7.30 बजे चर्च प्रांगण से प्रारंभ हुई। क्रूस यात्रा में प्रभु येसु द्वारा पिता परमेश्वर से प्रार्थना के दृश्य से लेकर, गेतसमनी बाग में येसु की प्राणपीड़ा, प्रार्थना के दृश्य सहित यूदस द्वारा येसु का चुम्बन करके रोमन साम्राज्य के सैनिकों द्वारा पकड़वाया जाना, कैफस के सामने येसु की पेशी, रोमन राज्यपाल पोंतुस पिलातुस के महल में येसु को पेश कर उन पर कोड़े बरसाए जाने का दृश्य तथा वहीं पर येसु को क्रूस की सजा दी जाती है।

येसु भारी भरकम क्रूस को उठाकर लड़खड़ाते कदमों से आगे बढ़ते हैं। इस दौरान येसु मार्ग में थककर तीन बार गिर जाते हैं। उस दुर्गम मार्ग पर येसु की माता मरियम उनसे भेंट करके उन्हें सहारा देती हैं। सिरनी निवासी सिमोन उनको क्रूस ढोने में क्षणिक सहायता देते हैं। किंतु वो भी अधिक समय तक उनकी सहायता नहीं कर पाता। एक धर्मी स्त्री वेरोनिका येसु का लहूलुहान और घावों से भरे चेहरे को रुमाल से पोंछती हैं।

ऐसे दुरूह तथा दुर्गम पथरीले , कंटीले मार्ग पर येसु से मिलकर येरुसलम की स्त्रियां रोती हैं, विलाप करती हैं। येसु कहते हैं मेरे लिए मत रोओ अपने लिए और अपनी संतान के लिए रोओ। येसु को निर्दयतापूर्वक निर्वस्त्र किया जाता है तथा रोमी सैनिकों द्वारा उनको बेरहमी से कीलों से क्रूस पर ठोंका जाता है तथा उनको दर्दनाक मृत्यु के लिए सलीब पर चढ़ा दिया जाता है।

इस भयानक , पीड़ादायक , कष्टकारी, दर्दनाक मृत्यु की और बढ़ते प्रभु येसु अपने गुनहगारों को यह कह कर क्षमा करते हैं ..*" हे पिता! इन्हें क्षमा कर क्योंकि यह नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं। अंत में येसु को कब्र में रखा जाता है।"* क्रूस की दु:खमयी यात्रा के इन सारे दृश्यों के सजीव मंचन को देखकर विशाल संख्या में उपस्थित जनसमूह अपने आंसुओं को रोक न सका।

महिलाएं , बच्चे तथा पुरुष सभी लोग प्रभु येसु के इस दु:खभोग के क्षणों के साक्षी बनकर जुलूस में सहभागी हुए। जबलपुर धर्मप्रान्त के पूर्व धर्माध्यक्ष परम श्रद्धेय जेराल्ड अलमेडा के मार्गदर्शन में पल्ली पुरोहित फादर जॉन वॉल्टर खालको, फादर सोमी जैकब , फादर स्टेनलिन , फादर जयप्रकाश तिर्की,फादर आरोक्य राजा, फादर बिपिन खालको सहित अनेक पुरोहितगण, धर्मबहिनें विश्वासियों के विशाल हुजूम के साथ इस जुलूस में सम्मिलित हुए।

खबर से संबंधित वीडियो देखिए -

https://www.instagram.com/reel/DWqz6kQkQXZ/?igsh=b3plZ214bmNiZ245

क्रूस की दुःखमयी यात्रा में प्रभु येसु की भूमिका एल्विन मैथ्यूस ने, माता मरियम की भूमिका शालिनी एंथोनी ने , पिलातुस की भूमिका जीवेश कपूर ने निभाई। इसके अलावा अन्य कलाकारों में डोमिनिक एंथोनी, एंजलीना, आइविन एंथनी, जेनिस जॉन,एडवर्ड पॉल, एशली लॉरेंस, अंश स्वामी , केविन सैमुअल , सेलविन, फ्लोरी वर्धाचारी, फुल्केरिया खलको, समा पॉल, रॉक पॉल, जूनस मिंज, रोहन स्वामी, सहित रोमी सैनिकों की भूमिका में निखिल चार्ल्स, डेनियल, मार्क पीटर, जॉय रॉबर्ट, एल्विन सिरिल, प्रशांत जोसफ, जॉर्ज नीरज, हर्षैल सबेरियो आदि रहे।

क्रूस की दु:खमयी यात्रा का निर्देशन बर्नार्ड जॉर्ज ने किया साथ में कला निर्देशक थॉमस जोसफ के साथ जसविंदर कौर, स्टीफन एंथोनी, प्रवीण स्टेनली, प्रभा फ्रांसिस,राजेश स्वामी आदि ने मेकअप में सहयोग किया। साउंड सिस्टम का संचालन रोजर डेविस, सेड्रिक फ्रांसिस, देवदास नायडू ,अल्फ्रेड डिसूजा आदि ने किया। जुलूस के संचालन में संजय मैथ्यूस, रवि फ्रांसिस,डेविड फ्रांसिस,जोसफ वर्गीस ,लॉरेंस मैसी, ऐन पॉल, संदीप रिचर्ड, विनीता ग्रेगरी, रेखा फ्रांसिस, फ्रांसिस जोसफ, रॉबर्ट फ्रांसिस, ज्ञानेश्वरी बेंजामिन , आशा परस्ते, सहित पल्ली परिषद के समस्त सदस्यों का योगदान रहा।