Jabalpur News: मदन महल पहाड़ी में चलने लगा बुलडोजर, पहले दिन हटाए गए दस अतिक्रमण

Jabalpur News: मदन महल पहाड़ी में चलने लगा बुलडोजर, पहले दिन हटाए गए दस अतिक्रमण

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। सर्वोच्च न्यायालय के मदन महल पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त करने के मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम और पुलिस के सहयोग से प्रारंभ की गई कार्यवाही में आज शनिवार को पहले दिन पुरवा क्षेत्र से 10 अतिक्रमणों को हटाया गया।

एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह ने बताया कि पहले दिन मदनमहल पहाड़ी से विस्थापित किये गये सभी परिवारों को ग्राम तेवर भेजा गया है। उनके गृहस्थी के सामान को भी नगर निगम के वाहनों से तेवर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि पहले दिन विस्थापित किये गये सभी परिवार पूर्व में हुये सर्वे में पट्टे के लिये पात्र परिवारों की सूची में शामिल थे।

इन परिवारों के गृहस्थी के सामान को तेवर में उनके लिये चिन्हित भूखंड तक भेजने की व्यवस्था के साथ-साथ वहाँ उन्हें बांस, बल्ली और तिरपाल भी उपलब्ध कराये गये हैं। इसके साथ ही तीन-चार दिन तक उनकी भोजन की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई है। विस्थापित परिवारों के गृहस्थी के सामान की सुरक्षा के लिये चौकीदार भी तैनात किये गये हैं।

इसके अलावा एम्बुलेंस एवं मेडिकल टीम की व्यवस्था भी की जा रही है। एसडीएम गोरखपुर के अनुसार पुरवा में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के पूर्व राजस्व विभाग द्वारा इस क्षेत्र का सर्वे कराया गया था और इस क्षेत्र में मदनमहल पहाड़ी पर लगभग 714 अतिक्रमण चिन्हित किये गये हैं। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार मुनादी कर अतिक्रामकों को कार्यवाही के बारे में सूचित किया जा रहा था।

उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी और रविवार को भी अतिक्रमण हटाये जायेंगे। इधर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम विस्थापित परिवारों के आंगनवाड़ी केंद्र में दर्ज बच्चों की तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के देखभाल की विशेष व्यवस्था की गई है।

उन्हें टेक होम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। ज्ञात हो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शांति बाई शर्मा एवं अन्य की याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई करते हुए मदन महल पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित करने के मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का शीघ्र अनुपालन करने के निर्देश राज्य शासन को दिये हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने की गई कार्यवाही का मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के साथ ही का समय-समय पर पालन प्रतिवेदन सर्वोच्च न्यायालय में भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।