बालाजी सरकार के दर्शन करने बागेश्वर धाम पहुंचे कमलनाथ , पं. धीरेंद्र शास्त्री से की मुलाकात
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सोमवार को छतरपुर के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम पहुंचे। यहां उन्होंने बालाजी सरकार के दर्शन किए। इसके बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर बड़ा बयान दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सोमवार को छतरपुर के गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम पहुंचे। यहां उन्होंने बालाजी सरकार के दर्शन किए। इसके बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर बड़ा बयान दिया।
कमलनाथ से जब मीडियाकर्मियों ने पूछा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री तो भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात कहते हैं। आप क्या कहेंगे? इस पर पूर्व सीएम बोले- भारत अपने संविधान के अनुसार चलता है। बाबा साहब आंबेडकर ने संविधान बनाया था। वही भारत का संविधान है।
कमलनाथ ने आगे कहा, मैंने छिंदवाड़ा में सबसे बड़ा हनुमान मंदिर बनवाया है। 101 फीट से भी ऊंचा। यहां मैंने हनुमान जी के दर्शन कर प्रार्थना की। मध्यप्रदेश का भविष्य सुरक्षित रहे। आज प्रदेश में जो चुनौतियां हैं, इन चुनौतियां का सामना हम सब मिलकर करें। महाराज ने मुझे अवश्य आशीर्वाद दिया। वह सभी को आशीर्वाद देते हैं।
कमलनाथ सुबह 10.15 पर खजुराहो विमानतल पर चार्टर्ड विमान से पहुंचे। उनके साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव भी नजर आए। यहां जिलाध्यक्ष लखन लाल पटेल की अगुवाई में जिले के विधायक, पूर्व विधायक, संगठन प्रभारी, संगठन मंत्री सहित पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां से कमलनाथ हेलीकॉप्टर के जरिए करीब साढ़े 10 बजे बागेश्वर धाम पहुंचे। जहां उन्होंने बालाजी सरकार के दर्शन एवं पूजा-पाठ कर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की। यहां से वे पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के लिए रवाना हो गए।
कमलनाथ ने यहां पहुंचकर किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर बात नहीं की। यहां वे पूरी तरह से भक्ति के रंग में नजर आए। हनुमान जी के दर्शन के बाद वे कार में सवार होकर सीधे हेलीपैड के लिए रवाना हुए। इस दौरान पहले वे गाड़ी में बैठे-बैठे लोगों का अभिवादन स्वीकार करते रहे, लेकिन बाद में कार का गेट खोलकर खड़े हो गए और फिर हाथ हिलाते हुए आगे बढ़े। यहां उन्होंने बच्चों से बात की और उनके सिर पर हाथ रखकर दुलारा भी।