आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। सदर बाजार स्थित औकाफ जामा मस्जिद के आवेदन पर सेना मुख्यालय के स्टेशन सेल द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इसके तहत मुस्लिम समाज को हर शुक्रवार को शहाना कब्रिस्तान में प्रवेश और नमाज-इबादत करने की अनुमति दे दी गई है। आदेश के अनुसार, शहाना कब्रिस्तान में प्रार्थना के लिए मुस्लिम समाज का प्रवेश जैक आरआसी के लद्दाख गेट से होगा।

वहीं कब्रिस्तान आने वाले सभी श्रद्धालुओं की उचित सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दो पहिया वाहन से आने वाले केवल उन्हीं व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति होगी जो हेल्मेट पहने होंगे। यह आदेश कर्नल मनीष कुमार (एसओ एजी, स्टेशन कमांडर की ओर से) द्वारा 29 अक्टूबर को जारी किया गया है।

इधर, इस आदेश से मुस्लिम समाज सहमत नहीं हैं। मुस्लिम समाज के अकबर खान का कहना है कि हमारे द्वारा कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार किए जाने पर लगी रोक हटाए जाने की मांग की गई थी। लेकिन उक्त मांग को दरकिनार कर दिया गया। कब्रिस्तान में जाने का दिन निर्धारित करना हमारे समझ से परे है। आर्मी को मुस्लिम समाज की भावनाओं को समझना चाहिए और पूर्व की भांति कब्रिस्तान मार्ग को खोल देना चाहिए।

उल्लेखनीय शाहनाला कब्रिस्तान कैंट जीएलआर में सर्वे नंबर 34 के रूप में दर्ज है। करीब 22.443 एकड़ में फैले इस कब्रिस्तान में जाने का रास्ता आर्मी सेंटर से होकर गुजरता है। लिहाजा आर्मी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार करने पर रोक लगा दी है। वहीं प्रवेश पर भी रोक लगा दी थी। मुस्लिम समाज द्वारा किए गए पत्राचारों के चलते आर्मी ने शुक्रवार के शुक्रवार प्रवेश की अनुमति प्रदान कर दी है। लेकिन अंतिम संस्कार पर लगी रोक नहीं हटाई है। अब मुस्लिम समाज मस्जिद कमेटी के बैनर तले कलेक्टर से इस मामले में हस्ताक्षेप करने की गुहार लगाएगा।