आर्य समय संवाददाता, जबलपुर/कटनी। रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) जबलपुर ने न्यू कटनी जंक्शन में पदस्थ वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (इलेक्ट्रिक-एम) अजय वीर सिंह को 45,000 रुपे की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने यह घूस ठेकेदार के कर्मचारियों की नियुक्ति के एवज में मांगी थी।

मामला क्या है-
कटनी निवासी ठेकेदार शशांक कुशवाहा ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी कि न्यू कटनी जंक्शन पर काम कर रहे उनके कर्मचारियों की नियुक्ति को मंजूरी देने के बदले सीनियर सेक्शन इंजीनियर अजयवीर सिंह द्वारा प्रति कर्मचारी 1,500 रुपये की दर से कुल 45,000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है।

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने 4 नवंबर को स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में मामले का सत्यापन (सत्यापन) कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर ट्रैप की योजना बनाई गई।

500 के 90 नोटों से बिछाया गया जाल
5 नवंबर की रात को आयोजित ट्रैप कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता के पिता तेजराम कुशवाहा ने 500-500 रुपये के 90 नोट (कुल 45,000 रुपये) सीबीआई टीम को उपलब्ध कराए। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने यह रकम स्वीकार की, पहले से मुस्तैद सीबीआई टीम ने तुरंत दबिश देकर उसे धर दबोचा।

12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद शुक्रवार, 6 नवंबर को उसे जबलपुर स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। रेलवे महकमे में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर ठेकेदारों और उनके कर्मचारियों से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।