आर्य समय संवाददाता, जबलपुर/छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय स्थित सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग में 3 नवंबर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। विभाग में पदस्थ एक भृत्य, जो बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर (पदेन बाबू) का कार्य संभाल रहा था, उसे आवेदक से ईएमडी (EMD) की राशि वापस दिलाने के एवज में 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया गया है।

क्या है पूरा मामला
आवेदक सौरभ मिश्रा (पिता मारकंडे मिश्रा), निवासी ग्राम अंबाडा, तहसील परासिया, जिला छिंदवाड़ा के नाम से रजिस्टर्ड फर्म द्वारा करीब 6 माह पूर्व जुन्नारदेव ब्लॉक की ग्राम पंचायत नवेगांव में छात्रावास की बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जनजातीय कार्य विभाग में निविदा (टेंडर) भरी गई थी। इस प्रक्रिया के तहत आवेदक ने ऑनलाइन लगभग 28,000 रुपये की ईएमडी विभाग में जमा की थी। बाद में जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा उक्त टेंडर को निरस्त कर दिया गया था।

रिश्वत की मांग और ट्रैप कार्रवाई
जब आवेदक सौरभ मिश्रा ने अपनी जमा की गई 28,000 रुपये की ईएमडी राशि वापस पाने के लिए विभाग में संपर्क किया, तो वहां पदस्थ भृत्य ललित कुमार अहरवार (पिता स्व. श्री एनलाल अहिरवार), जो कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर (कथित बाबू) का काम देखता है, ने ईएमडी वापसी की फाइल प्रोसेस पूरी करने के एवज में 4,000 रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायत के बाद 3 नवंबर को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी ललित अहरवार को कार्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, छिंदवाड़ा में ही 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप कर लिया गया।

आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
भ्रष्टाचार के इस मामले में आरोपी ललित अहरवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)B, 13(2) के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है।