आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के वाणिज्यिक कर विभाग में पदस्थ एक अधिकारी पर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ा शिकंजा कसा है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की पुख्ता शिकायतों के आधार पर लोकायुक्त जबलपुर की टीमों ने मंगलवार, 27 अक्टूबर की सुबह 6 बजे से वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापा मार कार्रवाई शुरू की है।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले को शिकायत मिली थी कि वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन (हाल पदस्थ दमोह, मूल पदस्थापना कार्यालय आयुक्त वाणिज्यिक कर विभाग जबलपुर) ने अपनी आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाई है। इस शिकायत का सत्यापन निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया द्वारा किया गया। सत्यापन के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आरोपी मनीष कुमार जैन के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)बी और 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया और न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर आज सुबह उनके रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी जिलहरी स्थित  निवास स्थान भवन क्रमांक 33, 34 सहित अन्य स्थानों पर छापा मारा गया।

जांच दल को अब तक की कार्रवाई में आरोपी अधिकारी, उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमल चंद जैन और माता शशि जैन के नाम से भारी-भरकम संपत्तियां और निवेश मिले हैं। इनमें अनावेदक द्वारा स्वयं के नाम से जबलपुर में 278.74 वर्ग मीटर भूमि (अनुमानित कीमत 1,43,60,880 रुपए), पत्नी निधि जैन के नाम से जबलपुर में 116.14 वर्ग मीटर भूमि (अनुमानित कीमत 95,6,375 रुपए) तथा इसी नाम से एक अन्य 116.14 वर्ग मीटर का प्लॉट (अनुमानित कीमत 95,6,375 रुपए), भोपाल में 180 वर्ग मीटर भूमि पर बना बंगला (अनुमानित कीमत 22,87,126 रुपए), 402.41 वर्ग मीटर का प्लॉट (अनुमानित कीमत 13,68,550 रुपए) और 83.18 वर्ग मीटर का फ्लैट (अनुमानित कीमत 13,34,630 रुपए) शामिल हैं।

इसके अलावा, माता शशि जैन के नाम से बंडा, सागर में 92.93 वर्ग मीटर का प्लॉट क्रय कर उस पर बनाए गए मकान की लागत 23,49,140 रुपए, पिता कोमल चंद जैन के नाम से बंडा, सागर में 91.07 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बने मकान की लागत 43,19,388 रुपए और 111.48 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बने मकान की लागत 28,6,485 रुपए आंकी गई है। साथ ही, पत्नी निधि जैन के नाम से मारुति स्विफ्ट कार एवं सुजुकी एक्सेस वाहन (अनुमानित मूल्य 5 लाख 10 हजार रुपए) तथा स्वयं व परिवार के सदस्यों के नाम से ली गई बीमा पॉलिसियों पर 33,93,986 रुपए का व्यय पाया गया है।

लोकायुक्त की अब तक की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी मनीष कुमार जैन की कुल वैध आय 1,03,73,317 रुपए थी, जबकि इसके मुकाबले उन्होंने और उनके परिजनों ने कुल 3,78,25,707 रुपए का व्यय किया है, जो कि कुल अर्जित आय का 264.64 प्रतिशत अनुपातहीन है। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए लोकायुक्त पुलिस की तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिसमें टीम-1 में उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, राहुल गजभिये व अन्य; टीम-2 में उप पुलिस अधीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक शशि मस्कुले, जितेंद्र यादव व अन्य; तथा टीम-3 में निरीक्षक रजनी तिवारी व अन्य सदस्य शामिल रहे। छापे की कार्रवाई अभी भी जारी है।