आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। देवास जिले में अवैध शराब का परिवहन रोकने के दौरान हुई TI की मौत का मामला अब पुलिस जांच के साथ-साथ गंभीर राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।मुख्यमंत्री की पदयात्रा में शामिल होने जबलपुर पहुंचे प्रदेश के आबकारी एवं जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने मीडिया से चर्चा के दौरान घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने TI दिलीप पुरी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी के साथ अपनी ड्यूटी निभाते हुए अपनी जान दी है।   

मंत्री देवड़ा ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "किसी भी दल या वर्ग का कोई भी अपराधी हो, यह नहीं देखा जाएगा। अपराधी केवल अपराधी होता है और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। आबकारी अधिनियम की कड़े से कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आजीवन कारावास और फांसी तक का प्रावधान है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार पूरी तरह गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"   

उल्लेखनीय है कि सोमवार तड़के इंदौर-बैतूल हाईवे पर नेमावर रोड के पास अवैध शराब के परिवहन की सूचना मिलने पर पुलिस की अलग-अलग टीमें वाहनों की गहन जांच कर रही थीं। इसी दौरान एक संदिग्ध आयशर वाहन को रोकने का प्रयास करते हुए खातेगांव थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी वाहन की चपेट में आ गए और उन्हें कुचल दिया गया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही दुखद मौत हो गई। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच डीजीपी उपेंद्र जैन खुद करेंगे। वहीं, देवास पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।   

वहीं शराब तस्करी के इस बड़े नेटवर्क की पड़ताल के दौरान कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का नाम सामने आने की चर्चाओं के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से सवाल पूछे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था की कार्यप्रणाली और फलते-फूलते शराब माफिया के खिलाफ सरकार की ढिलाई पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।