7 दिनों से बोरवेल में अटकी है महिला, 100 फीट ड्रिलिंग हुई, लेकिन गीली मिट्टी और पानी ने बढ़ाई मुश्किल

गंगापुर सिटी जिले में एक महिला 7 दिन पहले बोरवेल में गिर गई थी, जिसे रेस्क्यू करने के लिए 6 दिन से ऑपरेशन चल रहा है। घटना बामनवास क्षेत्र के रामनगर ढोसी गांव की है, जहां खेत में बने एक कच्चे बोरवेल में महिला गिर गई थी।

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By priyanshi
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Woman stuck in borewell for 7 days

विगत छह दिनों से एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीमें महिला को बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन बार-बार आ रही बाधाओं के चलते रेस्क्यू में देर हो रही है। 

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बोरवेल में 90 फीट की गहराई पर महिला फंसी हुई है। रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के समीप 100 फीट गहरा गड्ढा खोदा है। लेकिन गड्ढे में पानी आने से सुरंग बनाने व महिला को रेस्क्यू करने में दिक्कतें आ रही हैं। गड्ढे से बोरवेल चार फीट लंबी ब ढाई फिट चौड़ी सुरंग बनाई जानी है। गड्ढे में भरे पानी को पम्प सेट के माध्यम से बाहर निकाला जा रहा है । 6 फरवरी की रात 8 बजे के आसपास 25 वर्षिय महिला मोना बैरवा खेत की ओर गई थी और वहां बने कच्चे बोरवेल में गिर गई। 

गत 6 दिन से जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
महिला के देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह कच्चे बोरवेल के पास महिला की चप्पल दिखाई दी, तो परिजनों को उसके बोरवेल में गिरने का अंदेशा हुआ। परिजनों ने प्रशासन को इसकी सूचना दी। एनडीआरफ को भी सूचित किया गया और एक मेडिकल टीम भी मौके पर पहुंची। बोरवेल 90 से 100 फीट गहरा बताया जा रहा है। एसडीआरएफ व एनडीआरफ की टीमें बुधवार शाम करीब 5 बजे मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। 

एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीमें बुधवार को पूरी रात महिला को ऊपर से ही निकलने के प्रयास में जुटी रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। गुरुवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीमों ने बोरवेल के ऊपर से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए महिला का एक हाथ रस्से से पकड़ लिया। लेकिन दूसरा हाथ पकड़ में नहीं आया। हुक डालकर भी महिला को बोरबेल से निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन हुक में महिला के कपड़े ही बाहर आ पाए। 

पायलर मशीन से खोदा गया 100 फीट गहरा गड्ढा
तमाम कोशिशों के बावजूद सफलता नहीं मिली। फिर रेस्क्यू टीम ने प्लान बी के तहत गुरुवार दोपहर बाद बोरवेल के पास जेसीबी व एलएनटी की मशीनों के जरिए खुदाई शुरू की लेकिन जैसे ही खुदाई 15 फिट पहुंची, वैसे ही नमी के कारण मिट्टी का भसकने लगी। बार-बार मिट्टी गिरने से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार बाधा उत्पन्न होने के कारण प्रशासन ने जयपुर से पायलर मशीन मंगाया। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एक ट्रेलर पायलर मशीन लेकर पहुंचा, लेकिन घटना स्थल से पहले ही एक खेत में धंस गया। ट्रेलर के खेत में धंसने से भारी भरकम पायलर मशीन को मौके पर पहुंचाने में खासी दिक्कतें आई। 

अंतिम चरण में गड्ढे से बोरवेल तक सुरंग का काम
प्रशासन एवं टेक्निकल टीम ने पायलर मशीन लेकर आए ट्रेलर को जेसीबी की सहायता से निकाला और घटना स्थल पर पहुंचाया। पायलर मशीन के पहुंचने के बाद शुक्रवार शाम करीब 4 बजे फिर से खुदाई शुरू की गई। एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के नजदीक पायलर मशीन से करीब 100 फीट गहरा गड्ढा खोदा और पाइप डालने का काम पूरा किया। शनिवार शाम को एनडीआरएफ के जवान बारी-बारी से ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क लगाकर गड्ढे में उतरे और बोरबेल तक चार फीट लंबी व ढाई फिट चौड़ी सुरंग बनाने का काम शुरू किया। सुरंग बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है और उम्मीद है कि जल्द ही महिला को रेस्क्यू कर लिया जाएगा। 

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