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अखिलेश यादव क्या लड़ेंगे लोकसभा चुनाव? धर्मेंद के नाम ऐलान के बाद क्या है विकल्प

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर अभी संशय बना हुआ है। इंडिया गठबंधन को जिताने के लिए खुद चुनाव कमान संभालने के चलते ऐसा माना जा रहा है कि वह संभवत: चुनाव न लड़ें।

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Akhilesh Yadav contest

वैसे तो उन्होंने पिछले साल ही कन्नौज के कई दौरे कर अपने समर्थकों के बीच वहां से चुनाव लड़ने का संकेत दिया था। पिछली बार 2019 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज सीट से डिंपल यादव को भाजपा ने हरा दिया था। पर बदले हालात में माना जा रहा है कि अखिलेश चुनाव लड़ने के बजाए पूरा वक्त पार्टी का चुनाव संचालन करने में लगाएंगे। 

अखिलेश यादव वर्तमान में करहल विधानसभा से विधायक हैं और यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद पर हैं। अभी वह यूपी की सियासत कर रहे हैं। आजमगढ़ सीट से धर्मेंद्र यादव का नाम ऐलान होने के बाद अब साफ है कि अखिलेश यादव अगर चुनाव लड़ने का मन बनाते हैं तो उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प कन्नौज सीट ही है। कन्नौज से पहली बार साल 2000 में उपचुनाव जीत का सांसद बने थे। वह 2004, 2009 में कन्नौज से व 2019 में आजमगढ़ से सांसद बने।

चाचा शिवपाल को बदायूं से टिकट देकर दिया संदेश
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल सिंह यादव को बदायूं से टिकट दिया है। अखिलेश यादव ने शिवपाल सिंह यादव को टिकट देकर यह संदेश भी दिया है कि उन्हें चाचा की कद्र है। विधानसभा सत्र के दौरान अक्सर उन पर तंज किया जाता रहा कि उन्हें चाचा की कद्र नहीं है। शिवपाल अभी जसवंतनगर से विधायक हैं। वह इस सीट से लगातार पांच बार से विधायक हैं। बदायूं सीट से स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी डा. संघमित्रा मौर्य भाजपा से सांसद है। स्वामी प्रसाद मौर्य सपा से इस्तीफा देने के बाद अखिलेश को लगातार चुनौती दे रहे हैं। यह भी माना जा रहा है कि अखिलेश ने शिवपाल को उतार कर उन्हें भी कड़ा जवाब देने का काम किया है।

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