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इस पाकिस्तानी क्रिकेटर को किसने बनाया मुस्लिम? किसने पढ़वाया कलमा, द‍िग्गज ने किया खुलासा

पाकिस्तान क्रिकेट में धर्म के नाम पर काफी भेदभाव किया जाता है। यह आरोप हम नहीं, बल्कि दानिश कनेरिया समेत कई गैरमुस्लिम प्लेयर लगा चुके हैं। साथ ही यह भी आरोप लगे हैं कि पाकिस्तान में खिलाड़ियों पर इस्लाम धर्म अपनाने का भी दबाव बनाया जाता है।

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मगर इन सबके बीच ईसाई प्लेयर यूसुफ योहाना का नाम भी आता है, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में मार्च 1998 में डेब्यू किया। इसके 6 सालों बाद ही यानी 2004 में उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया था। उन्होंने अपना नाम मोहम्मद यूसुफ रखा था।

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सईद अनवर ने यूसुफ को पढ़वाया कलमा 
यूसुफ कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म अपनाया था। इसमें पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सईद अनवर ने उनकी काफी मदद की थी। मोहम्मद यूसुफ ने नादिर अली के यूट्यूब चैनल को इंटरव्यू दिया। इसी दौरान खुलासा किया कि उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने के बाद 3 सालों तक सभी से यह बात छिपाई थी। उन्होंने अपने परिवार यहां तक कि पत्नी को भी नहीं बताया था, बाद में पिता और मां काफी नाराज हुए।

पत्नी ने भी तालीम लेकर इस्लाम अपनाया 
पत्नी ने भी इस्लाम की तालीम ली और फिर अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म अपना लिया। यूसुफ ने बताया कि उनके पिता ने भी अपनी मौत से सिर्फ 10 दिन पहले ही कलमा पढ़ लिया था। तब यूसुफ पहली बार अपनी हज यात्रा पर गए हुए थे।

यूसुफ ने कहा, 'सईद भाई ने मुझे कलमा पढ़वाया। इसके बाद मौलवी फहीम साहब से मुलाकात करवाई।' तीन साल तक जब मुस्लिम होने की बात छिपाई तब यूसुफ मस्जिद नहीं जाते थे। उन्होंने बताया कि सेलेब्रेटी होने के कारण वहां जाना मुश्किल था। यूसुफ बोले, '2004 में मुस्लिम होने के बाद भी मैं क्रॉस बना रहा था, क्योंकि खुलासा नहीं करना था। मुझे रोका हुआ था कि अभी ओपन ना करें, इसके बाद धीरे-धीरे सब ठीक हो गया।'

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इस तरह यूसुफ ने लिया क्रिकेट से संन्यास
यूसुफ ने 1998 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया। यूसुफ ने 90 टेस्ट खेलकर 52.29 के औसत से 7530 रन बनाए. उन्होंने 288 वनडे में 41.71 के औसत से 9720 रन जोड़े, 2006 में यूसुफ ने 11 टेस्ट मैचों में 1788 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे।

यूसुफ ने 99.33 की औसत से रन बनाए थे। एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने का यह वर्ल्ड रिकॉर्ड अब तक कायम है। मार्च 2010 में न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया दौरे पर शर्मनाक हार के बाद पीसीबी ने मोहम्मद यूसुफ को अनिश्चित समय के लिए क्रिकेट से बैन कर दिया था।

पीसीबी ने युसूफ पर टीम में गुटबाजी करके मनोबल गिराने का आरोप लगाया गया। तब युसूफ ने कहा था, 'बोर्ड ने मुझे पत्र लिखकर कहा कि मैंने ऑस्ट्रेलिया में टीम का माहौल खराब किया है।' मोहम्मद यूसुफ ने इसके बाद रिटायर होने का फैसला किया। जुलाई 2010 में पाकिस्तानी टीम की इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में बुरी तरह हार के बाद यूसुफ को वापस बुलाया गया। इसी सीरीज में उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था।

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