Political updates: भाजपा ने प्रचार और यात्रा पर खर्च किए एक हजार करोड़, कांग्रेस की आमदनी अठन्नी; खर्चा रुपैया

राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए आमदनी और खर्च के ब्यौर के मुताबिक भाजपा को मिलने वाला चंदा काफी बढ़ गया है। 2021-22 की तुलना में 2022-23 में भारतीय जनता पार्टी को 23 फीसदी ज्यादा चंदा मिला है।

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BJP spent one thousand crores on campaigning

2361 करोड़  की कुल आमद में 54 फीसदी रकम इलेक्टोरल बॉन्ड से ही मिली है। वहीं बात करें खर्च की तो इसमें भी बेतहाशा वृद्धि हुई है। भाजपा ने 1361 करोड़ रुपये खर्च किए हैं जो कि पिछले साल की तुलना में 59 फीसदी ज्यादा है। पार्टी की एनुअल ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा ने 844 करोड़ रुपये प्रचार में तो वहीं यात्राओं में 132 करोड़ का खर्च किया है। 

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टाइम्स ऑफ इंडिया में दी गई जानकारी की मानें तो एक साल में भाजपा को इलेक्टोरल बॉन्ड से 1294 करोड़ रुपये मिले जो कि बीते साल के मुकाबले 25 फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा व्यक्तिगत दान, कॉर्पोरेट और इलेक्टोरल ट्रस्ट पर मिलने वाली रकम कम हुई है। भाजपा की यह आमद 721.7 करोड़ से कम होकर 648 करोड़ हो गई। इसके अलवा पार्टी को आजीवन सहयोग निधि से काफी लाभ हुआ है। इसमें लगभग 9 गुना की वृद्धि हो गई है। 

बात करें खर्च की तो भाजपा ने 2022-23 में चुनाव और सामान्य प्रोपगैंडा में 80 फीसदी बजट खर्च किया है। इसमें लगभग 1092 करोड़ की रकम खर्च की गई है। यह 2021-22 के मुकाबले लगभग दो गुनी है। इसमें 844 करोड़ प्रचार पर और 132 करोड़ का व्यय यात्राओं पर हुआ है। 

कांग्रेस की आमदनी कम, खर्चा ज्यादा
कांग्रेस की बात करें तो  इसे मिलने वाले चंदे में कमी देखी गई है, वहीं खर्च बढ़ गया है। पार्टी का हाल यह है कि आ कम रहा है औऱ खर्च ज्यादा हो रहा है। 2022-23में एक साल पहले के मुकाबले कमी देखी गई है। 2021-22 में कांग्रेस को 541 करोड़ मिले थे जो कि 2023-24 में घटकर 452 करोड़ हो गए। वहीं खर्च की बात करें तो यह एक साल में 400 करोड़ से बढ़कर 467 करोड़ हो गया है। इस तरह से आमद से ज्यादा पार्टी का खर्च हो गया है। 

कांग्रेस को इलेक्ट्रोरल बॉन्ड से मिलने वाला पैसा 63 फीसदी कम हो गया है। कुल इनकम का 38 फीसदी पार्टी को बॉन्ड से ही मिला है। यह केवल 236 करोड़ रुपये है। वहीं अन्य पार्टियों की बात करें तो बीते साल आम आदमी पार्टी को 85.1 करोड़, सीपीएम को 141.6 करोड़ और एनपीपी को 7.5 करोड़ रुपये मिले। 

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