लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बगावती तेवर दिखाया

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. एक तरफ सत्ताधारी पार्टी बीजेपी है जो अपने साथ एनडीए का पूरा कुनबा लेकर चल रही है तो दूसरी ओर INDIA गठबंधन है जो कि दिन पर दिन कमजोर होता जा रहा है. बीजेपी के खिलाफ विरोधी दलों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन का साथ छोड़ चुके हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बगावती तेवर दिखाया है.

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By aryasamay
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आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. एक तरफ सत्ताधारी पार्टी बीजेपी है जो अपने साथ एनडीए का पूरा कुनबा

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. एक तरफ सत्ताधारी पार्टी बीजेपी है जो अपने साथ एनडीए का पूरा कुनबा लेकर चल रही है तो दूसरी ओर INDIA गठबंधन है जो कि दिन पर दिन कमजोर होता जा रहा है. बीजेपी के खिलाफ विरोधी दलों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन का साथ छोड़ चुके हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बगावती तेवर दिखाया है.

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उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर डील अभी तक पक्की नहीं हो सकी है. इस बीच अखिलेश यादव ने 16 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा करके कांग्रेस को यह बता दिया है कि यूपी में चुनाव वो अपने ही शर्त पर लड़ेंगे. महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन में शामिल दलों के बीच अभी तक सीट को लेकर बातचीत नहीं बन पाई है. दक्षिण के राज्यों में स्थिति कुछ ऐसी ही है.

नीतीश कुमार के साथ छोड़ने के बाद से सबकी नजरें अब विपक्षी इंडिया गठबंधन पर टिकी हैं. शुरू में नीतीश कुमार ने विरोधी नेताओं को एकजुट करने के लिए खूब मेहनत की थी. उत्तर से लेकर दक्षिण तक के नेताओं के साथ बैठक की. विपक्षी दलों की पहली बैठक पटना में हुई जिसके अगुवा नीतीश कुमार थे, लेकिन अब उनके पलटी मार जाने के बाद जैसे लग रहा है कि विपक्षी दलों की सियासत ही सुस्त हो गई है.
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नीतीश कुमार के जाने के बाद विपक्ष की सियासत अपनी अपनी डफली अपना अपना राग जैसे हो गई है. सभी विरोधी नेता अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं और इंडिया गठबंधन पर तो बातचीत भी होनी लगभग बंद हो गई है. जिस भी नेता से पूछे वो एक ही जवाब देता है, नहीं गठबंधन खत्म नहीं हुआ है, नेताओं के बीच बातें चल रही हैं. सवाल यह उठता है कि अगर गठबंधन में भीतर-भीतर प्रगति हो रही है तो फिर जमीन पर क्यों नहीं दिख रहा है?

इंडिया गठबंधन के बीच दरार इतनी गहरी हो गई है कि ममता बनर्जी ने तो भरी सभा में कह दिया कि मुझे नहीं लगता है कि कांग्रेस 300 में से 40 सीट भी जीत पाएगी. इसके साथ-साथ ममता ने इशारों ही इशारों में राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. ममता ने कहा कि जो आजकल तो फोटोशूट का चलन हो गया है. जो लोग कभी चाय के स्टॉल पर नहीं गए, वो बीड़ी कामगारों के बीच में फोटो खिंचवा रहे हैं.

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