Advertisment

बिहार में एक बार फिर सत्ता को लेकर हलचल मची बिहार में एक बार फिर NDA गठबंधन की सरकार

बिहार में एक बार फिर सत्ता को लेकर हलचल मची हुई है. चर्चा है कि, सीएम नीतीश कुमार NDA में वापसी करने वाले हैं. बिहार में एक बार फिर NDA गठबंधन की सरकार बनने वाली है. इसके साथ ही RJD और JDU की राहें न सिर्फ अलग होती दिख रही हैं, बल्कि उनके बीच बीते कई दिनों से जिस दरार की आशंका जताई जा रही थी, वह खाई में तब्दील होती दिख रही है

author-image
By aryasamay
New Update
bihar

बिहार में एक बार फिर सत्ता को लेकर हलचल मची हुई है. चर्चा है कि, सीएम नीतीश कुमार NDA में वापसी करने वाले हैं. बिहार में एक बार फिर NDA गठबंधन की सरकार बनने वाली है. इसके साथ ही RJD और JDU की राहें न सिर्फ अलग होती दिख रही हैं, बल्कि उनके बीच बीते कई दिनों से जिस दरार की आशंका जताई जा रही थी, वह खाई में तब्दील होती दिख रही है

बिहार में एक बार फिर सत्ता को लेकर हलचल मची हुई है. चर्चा है कि, सीएम नीतीश कुमार NDA में वापसी करने वाले हैं. बिहार में एक बार फिर NDA गठबंधन की सरकार बनने वाली है. इसके साथ ही RJD और JDU की राहें न सिर्फ अलग होती दिख रही हैं, बल्कि उनके बीच बीते कई दिनों से जिस दरार की आशंका जताई जा रही थी, वह खाई में तब्दील होती दिख रही है.

Advertisment


नीतीश और लालू दोनों ही खेमों में चुप्पी सी है और कोई भी सीधे-सीधे जवाब नहीं दे रहा है. हालांकि चर्चाओं के बाजार कई तरह के गर्म हैं. थोड़ी देर पहले सामने आया था कि लालू-नीतीश में कोई बात नहीं हो रही है, लेकिन अब ये भी सामने आया है कि, लालू ने नीतीश कुमार कई बार फोन किया है. 


बिहार की राजनीति में उठे सियासी तूफान के बीच चर्चा है कि लालू यादव ने नीतीश कुमार को 5 बार फोन मिलाया है, लेकिन मौजूदा बिहार सीएम ने बात करने से ही इनकार कर दिया है. लालू यादव ने लैंड लाइन से भी फोन मिलाया, लेकिन उस पर भी बात नहीं हुई है. कुल मिलाकर कहा जा रहा है कि लालू यादव इस पूरे सिनेरियो पर स्पष्ट स्थिति जानना चाह रहे हैं, लेकिन नीतीश कुमार अभी कोई भी जवाब देने के मूड में नहीं दिख रहे हैं. 


उधर, राजद उपाध्यक्ष के हवाले से तो एक और बड़ी बात सामने आई है. राजद उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने सवाल उठाया कि नीतीश कैसे NDA में जा सकते हैं. इस बात पर आश्चर्य वाले लहजे में उन्होंने कहा कि, 'बीजेपी के दफ़्तर का चपरासी भी कह दिया है इन्हें बीजेपी में नहीं लेंगे, बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने क्या क्या नहीं कहा नीतीश कुमार को फिर भी कैसे वो जा सकते है. उन्होंने आगे जोड़ा कि, नीतीश कुमार से मिलने का समय कल माँगा था, लेकिन अभी तक नहीं समय मिला है. हमने नीतीश से कहा भी, क्या बात है मेरे लिए समय नहीं है, तो उन्होंने (नीतीश कुमार) कहा आज बताते हैं. नीतीश कुमार इतिहास में किस तरह से नाम दर्ज करवायेंगे? हमें अभी भी भरोसा नहीं है कि नीतीश कुमार इधर से उधर चले जाएंगे.

Advertisment


वहीं, एक खबर तो ये भी आ रही है कि, बीजेपी के विधायक नीतीश को अपना सीएम मानने को तैयार हो गए हैं. भाजपा के विधायक राजू सिंह नीतीश कुमार का स्वागत करने के लिए तैयार हो गए हैं. उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ की है. खेला होने से पहले ही बीजेपी के विधायक सीएम नीतीश की तारीफ करने लगे हैं. उन्होंने कहा है कि, शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें सीएम बना दिया तो हमें स्वीकार है. 


बता दें कि, जेडीयू के सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि नीतीश कुमार कांग्रेस से नाराज हैं. नीतीश कुमार को INDIA ब्लॉक संयोजक का पद नहीं देना अपमानजनक कृत्य था. सीट शेयरिंग समझौते में देरी, संयोजक पद पर कोई फैसला नहीं होने से नीतीश कुमार कांग्रेस से नाराज बताए जा रहे हैं. जेडीयू की नजर 17 (16+1) लोकसभा सीटों और इंडिया ब्लॉक के संयोजक पद पर थी. वहीं, बीजेपी ने पटना में शनिवार शाम चार बजे सभी सांसद और विधायकों की बैठक बुलाई है. बीजेपी के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने बिहार राज्य इकाई से कहा है कि वह बिहार में सरकार गठन का फॉर्मूला प्रस्तावित करने में जल्दबाजी न करें. 


शनिवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक के बाद निर्णय होने की संभावना है. बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े कल सुबह बिहार पहुंच रहे हैं. लालू यादव अब आर या पार के मूड में नजर आ रहे हैं. लालू यादव नीतीश कुमार से क्लियरिटी चाहते हैं. नीतीश कुमार शाम तक संशय दूर करें. आरजेडी नेता मनोज झा के जरिए नीतीश के लिए अपील कराई गई है. फिलहाल नीतीश और लालू–तेजस्वी के बीच बातचीत बंद, इसीलिए मीडिया के जरिए अपील की गई.


बिहार में सत्ता के बदलाव को लेकर जारी चर्चाओं और हलचल के इस शोर के बीच सूत्र कांग्रेस को लेकर भी बड़ा दावा कर रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि कांग्रेस के भी कई विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं, ऐसे में बीजेपी की नजरें भी बिहार कांग्रेस के विधायकों पर हैं. इस स्थिति से राज्य में बीजेपी के और मजबूत होने के दावे किए जा रहे हैं. 

नीतीश कुमार से अपनी शर्तों पर समझौता करेगी बीजेपी!
बीजेपी के सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के 10 से ज्यादा विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. सूत्रों के हवाले से खबर है किबीजेपी की नजरें बिहार के कांग्रेस विधायकों पर है और दस विधायक अलग होकर अपना गुट बना सकते हैं. वहीं दूसरी ओर, बीजेपी नीतीश कुमार से अपनी शर्तों पर समझौता करेगी.


बीजेपी के सभी मौजूदा सहयोगियों का ध्यान रखा जाएगा. पशुपति पारस, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतनराम माँझी को सम्मानजनक स्थान मिलेगा. बीजेपी की नज़रें लव-कुश वोटों पर भी हैं. कहा जा रहा है कि नीतीश और कुशवाहा साथ रहेंगे तो चुनावों में बड़ा फायदा होगा. 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन को जबरदस्त फायदे की उम्मीद है.


बिहार में सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच, शुक्रवार शाम बिहार राजभवन में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो JDU और राजद के बीच बढ़ी हुई खाई दिखाने के लिए काफी है. असल में हुआ कुछ यूं कि सीएम नीतीश कुमार अपनी सीट पर बैठे थे. उनके बगल वाली कुर्सी खाली थी. कुर्सी के हेड पर लगी एक स्ट्रिप पर तेजस्वी का नाम लिखा था. कहा जा रहा है कि अशोक चौधरी आए, उन्होंने स्ट्रिप हटाई और नीतीश कुमार के बगल वाली कुर्सी पर बैठ गए.

 

Advertisment
Latest Stories
Advertisment