कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रमुख मंदिरों में ड्रेस कोड का विरोध किया कहा कि ऐसा करना स्वीकार्य नहीं ,यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रमुख मंदिरों में ड्रेस कोड का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसा करना स्वीकार्य नहीं है. दरअसल, कुछ दिनों पहले ही विजयपुरा जिला प्रशासन ने हम्पी के प्रसिद्ध विरुपाक्ष मंदिर में एक ड्रेस कोड लागू किया था. इसको लेकर वरिष्ठ साहित्यकार के मारुलासिद्दप्पा ने बुधवार रात रवींद्र कलाक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में सवाल उठाया था. 

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By aryasamay
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रमुख मंदिरों में ड्रेस कोड का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसा करना स्वीकार्य नहीं है. दरअसल, कुछ दिनों पहले ही विजयपुरा जिला प्रशासन ने हम्पी के प्रसिद्ध विरुपाक्ष मंदिर में एक ड्रेस कोड लागू किया था. इसको लेकर वरिष्ठ साहित्यकार के मारुलासिद्दप्पा ने बुधवार रात रवींद्र कलाक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में सवाल उठाया था. 

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रमुख मंदिरों में ड्रेस कोड का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसा करना स्वीकार्य नहीं है. दरअसल, कुछ दिनों पहले ही विजयपुरा जिला प्रशासन ने हम्पी के प्रसिद्ध विरुपाक्ष मंदिर में एक ड्रेस कोड लागू किया था. इसको लेकर वरिष्ठ साहित्यकार के मारुलासिद्दप्पा ने बुधवार रात रवींद्र कलाक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में सवाल उठाया था. 

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कार्यक्रम में साहित्यकार ने कहा था, “भक्तों को पूरे कपड़े पहनने चाहिए, लेकिन महिलाओं के लिए साड़ी और पुरुषों के लिए धोती पर जोर देने की क्या जरूरत है. यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.”

इसके बाद अब एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग ने ड्रेस कोड को अनिवार्य नहीं बनाया है. किसी विशेष प्रकार की ड्रेस निर्धारित करना सही नहीं है. लोगों को शर्ट-पैंट न पहनने और साड़ी न पहनने के लिए नहीं कहा जा सकता. हम किसी भी प्रकार की ड्रेस पर जोर नहीं दे रहे हैं. न ही हम लोगों से अपने कपड़े उतारने के लिए नहीं कह रहे हैं.”

 

इसके अलावा, सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि लोगों को साफ मन से मंदिर जाना चाहिए. यदि आपने उचित कपड़े पहने हैं, लेकिन विश्वास नहीं है तो क्या फायदा? विरुपाक्ष मंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह जिला प्रशासन का निर्णय है, बंदोबस्ती विभाग का नहीं.

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