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U.P. News : अमेठी, रायबरेली, मैनपुरी, पीलीभीत, गाजियाबाद... दिग्गज नेताओं की इन लोकसभा सीटों पर अब तक सस्पेंस

यूपी में पहले चरण में 8 सीटों पर मतदान होना है. बुधवार से नामांकन शुरू भी हो गया है. लेकिन अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के यूपी से चुनाव लड़ने पर अब तक सस्पेंस जारी है.

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By priyanshi
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Lok Sabha seats

क्या अमेठी से राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे क्या प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में डेब्यू करेंगी? रायबरेली से कांग्रेस का प्रत्याशी कौन होगा? क्या अखिलेश यादव चुनावी मैदान में उतरेंगे। क्या वरुण गांधी और मेनका गांधी का पत्ता कटने वाला है? क्या मैनपुरी सीट से अपर्णा यादव डिंपल यादव के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी? गाजियाबाद को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है। 

'तो क्या निर्दलीय लड़ेंगे वरुण गांधी?'
देश के सबसे बड़े सूबे में हर पार्टी के सामने चुनौतियां हैं। सबसे पहले समझते हैं- अ गांधी का खेल. पीलीभीत में पहले चरण में मतदान होना है। लेकिन बीजेपी ने वरुण गांधी का नाम फाइनल नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार वरुण गांधी का टिकट कट सकता है। वरुण गांधी के प्रतिनिधि ने नॉमिनेशन के 4 पर्चे खरीदे हैं। सूत्र बताते हैं कि बीजेपी से टिकट ना मिलने पर वरुण गांधी निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि सपा की बैठक में वरुण गांधी के नाम पर भी चर्चा हुई। अखिलेश यादव से जब इस पर सवाल किया गया तो पहले उन्होंने सस्पेंस बनाकर रखा और फिर बाद में वरुण गांधी के साथ संपर्क की खबरों से इनकार कर दिया। 

'मेनका गांधी का टिकट कट सकता है'
सूत्रों की मानें को मेनका गांधी ने साफ किया है कि पहले वरुण की टिकट फाइनल की जाए, जिसके बाद वो चुनाव लड़ने का फैसला करेंगी। अगर बीजेपी दोनों में एक को टिकट देना चाहती है तो वरुण गांधी को टिकट दे। सूत्रों की मानें तो सुल्तानपुर से मेनका गांधी का टिकट कट सकता है। यहां समाजवादी पार्टी के बागी विधायक मनोज पांडे चुनाव लड़ सकते हैं। इतना ही नहीं, विवादों में घिरे बृजभूषण शरण सिंह का भी टिकट बीजेपी काट सकती है। उनकी जगह पत्नी या बेटे को टिकट मिल सकता है। 

'बीजेपी 24 सीटों के टिकट पर माथापच्ची'
बीजेपी ने यूपी की 51 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। जबकि 24 सीटों पर ऐलान बाकी है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी में इन 24 मुश्किल सीटों को लेकर माथापच्ची का दौर जारी है। गाजियाबाद से भी बीजेपी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। यहां से लगातार दो बार से पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह सांसद हैं। फिलहाल, इस सीट पर कई बड़े दावेदारों के नाम चर्चा में हैं। 

'विपक्ष से कोई बड़ा चेहरा अब तक मैदान में नहीं'
वहीं, विपक्ष में भी यूपी की सीटों को लेकर जबरदस्त ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। यूपी में विपक्ष का कोई भी बड़ा चेहरा चुनावी मैदान अब तक नहीं उतरा है। रायबरेली और अमेठी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सोनिया गांधी पहले ही राज्यसभा से संसद जाने का रास्ता चुन चुकी हैं। ऐसे में प्रियंका और राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस ने अब तक तस्वीर साफ नहीं की है। यूपी की 8 सीटों पर नामांकल बुधवार से शुरू हो गया है। लेकिन कांग्रेस ने एक भी लिस्ट जारी नहीं की है। फिलहाल, सबकी नजरें रायबरेली और अमेठी पर टिकी हैं। 

'क्या कन्नौज से मैदान में उतरेंगे अखिलेश यादव?'
उधर, अखिलेश यादव यूपी को लेकर 4 लिस्ट जारी कर चुके हैं। लेकिन अब तक उन्होंने साफ नहीं किया है कि वो इस बार लोकसभा चुनाव के मैदान पर उतरेंगे या नहीं। क्योंकि समाजवादी पार्टी ने अपनी सारी मजबूत सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। उम्मीद लगाई जा रही थी कि अखिलेश आजमगढ़ से चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव के नाम का ऐलान हो गया, जिसके बाद अब कन्नौज की सीट बचती है। लेकिन ये सीट इस वक्त बीजेपी के पास है, जहां से पिछले चुनाव में डिंपल यादव हार गई थीं। ऐसे में सवाल ये है कि क्या टक्कर वाली सीट से अखिलेश चुनाव लड़ेंगे?

'डिंपल से मुकाबला करेंगी अपर्णा?'
इसके अलावा मैनपुरी सीट पर अपर्णा यादव के डिंपल यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने की अटकलें हैं। वहीं, आजम खा के गढ़ रामपुर में भी सपा और बसपा ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान नहीं किया है जबकि इस सीट पर भी पहले चरण में मतदान होना है। इसके अलावा नगीना सीट से सपा ने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद को लेकर भी सस्पेंस जारी है। 

बहरहाल ये खेल यूपी का है। जो देश की सियासत का केंद्र बिंदु है। बीजेपी ने यहां 80 सीटों का टारगेट रखा है तो विपक्ष के बड़े दिग्गज मैदान पर उतरने को लेकर सस्पेंस बनाए हुए हैं। 

19 अप्रैल को पहले चरण का मतदान
उत्तर प्रदेश की आठ संसदीय सीटों सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना (एससी), मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत में 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान होगा। चुनाव के लिए अधिसूचना 20 मार्च को जारी कर दी गई। 27 मार्च नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है। चुनाव आयोग ने कहा कि नामांकन की जांच 28 मार्च को की जाएगी और उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 30 मार्च है। वोटों की गिनती 4 जून को होगी। 

पहले चरण में इन सीटों पर मतदान
पहले चरण में जिन आठ लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से बीजेपी ने 2019 में मुजफ्फरनगर (संजीव कुमार बालियान), कैराना (प्रदीप कुमार चौधरी) और पीलीभीत (वरुण गांधी) संसदीय सीटों पर जीत हासिल की थी। समाजवादी पार्टी के एसटी हसन ने मुरादाबाद लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी, जबकि समाजवादी पार्टी के आजम खान रामपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीते थे। पिछले आम चुनाव में बसपा के हाजी फजलुर रहमान, मलूक नागर और गिरीश चंद्र ने सहारनपुर, बिजनौर और नगीना (एससी) लोकसभा सीटें जीती थीं। 

बसपा अकेले मैदान में
इस बार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जबकि समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है और दोनों पार्टियां विपक्षी इंडिया गुट का हिस्सा हैं। राष्ट्रीय लोक दल ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से हाथ मिलाया है। 

2019 में बीजेपी ने जीती थीं 62 सीटें
2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने 62 सीटें और उसकी सहयोगी अपना दल (एस) ने दो सीटें जीती थीं।  कांग्रेस ने सोनिया गांधी की एकमात्र रायबरेली सीट जीती थी। सपा-बसपा गठबंधन में मायावती के नेतृत्व वाली पार्टी को सबसे ज्यादा फायदा हुआ था। बसपा ने 10 सीटें जीतीं थीं। अखिलेश यादव की सपा ने पांच सीटें जीती थीं और आरएलडी अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी। 

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