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40 की उम्र, 14 चुनाव, 3 बार ही बची जमानत; अजब प्रत्याशी की गजब कहानी

चुनाव आते ही एक से एक लड़ाके मैदान ताल ठोकते नजर आने लगते हैं। ऐसे ही एक चुनाव लड़ने वाले साहेबगंज के डॉक्टर (मो.) नबी हसन भी हैं।

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Age 40, 14 elections

40 वर्ष की उम्र में पंच से लेकर लोकसभा तक का 14 बार चुनाव लड़ चुके हैं, इसमें सिर्फ तीन बार जीत हासिल की है। अन्य चुनावों में अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।

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गजब यह की डॉक्टर नबी हसन अपनी मां के खिलाफ भी दो बार चुनाव लड़ चुके हैं और एक बार मां से शिकस्त भी खा चुके हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि डॉक्टर नबी हसन इस बार लोस चुनाव में मैदान में होते हैं या नहीं।

डॉक्टर मो. नबी हसन कहते हैं कि वह पहली 2006 में ग्राम पंचायत मिल्की काजीचक से पंच निर्वाचित हुए थे। इससे उत्साहित होकर 2008 में साहेबगंज नगर पंचायत से वार्ड पार्षद के लिए मैदान में उतरे पर जीत नहीं सके। इसके बावजूद उनका जज्बा कम नहीं हुआ। वे 2010 में होने वाले विस् चुनाव में साहेबगंज से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे। इसमें इनकी जमानत जब्त हो गयी।

फिर 2013 में साहेबगंज नगर पंचायत से मां के विरोध में वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ा पर मां से बड़े अंतर से हार गए। इसके बाद भी उनका हौसला कम नहीं हुआ और 2014 में उन्होंने वैशाली लोकसभा से भाग्य आजमाया, पर ळज्ञश्र ग्ए। इसके बाद तो हर चुनाव में नबी सुर्खियों में रहने लगे। सभापति और उप सभापति का भी चुनाव लड़ चुके हैं।

डॉक्टर नबी ने बताया कि वह 2015 में एमएलसी चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। ऐन वक्त पर मां की तबीयत खराब हो गयी। रसीद खरीदी पर नामांकन नहीं कर सके। इसके बाद 2018 में साहेबगंज नगर पंचायत का चुनाव जीत वार्ड पार्षद बन गए। तब उप सभापति के लिए मैदान में उतरे लेकिन, नाकामी हाथ लगी। इसके बाद 2019 में वैशाली से लोकसभा से मैदान में आए पर 2014 की तरह फिर जमानत जब्त हो गई। वर्तमान में वह साहेबगंज नगर परिषद से पार्षद हैं।

#story of a strange candidate
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