Advertisment

संपत्ति लेने के बाद संतान अगर नहीं कर रहे देखभाल तो आप वापस ले सकते हैं अपनी संपत्ति

वर्ष 2007 से पहले तक केवल सीआरपीसी की धारा 125 में प्रविधान था कि अगर माता-पिता का भरण पोषण उसकी संतान नहीं करती है तो ऐसे माता-पिता न्यायालय में भरण पोषण का प्रकरण प्रस्तुत कर भरण पोषण प्राप्त कर सकते थे।

author-image
By aryasamay
New Update
h

sca

कानूनन जिन व्यक्ति की आयु 60 वर्ष पूर्ण हो जाती है उन्हें वरिष्ठ नागरिक माना जाता है। वर्ष 2007 से पहले तक केवल सीआरपीसी की धारा 125 में प्रविधान था कि अगर माता-पिता का भरण पोषण उसकी संतान नहीं करती है तो ऐसे माता-पिता न्यायालय में भरण पोषण का प्रकरण प्रस्तुत कर भरण पोषण प्राप्त कर सकते थे। एडवोकेट वरुण रावल ने बताया कि कई बार वरिष्ठ नागरिकों की शिकायत रहती है कि उनके पुत्र-पुत्रियों द्वारा उनकी संपत्तियां अपने नाम करवाने के बाद माता-पिता की देखभाल नहीं कर रहे हैं। इस पर विधायिका द्वारा वर्ष 2007 में वरिष्ठ नागरिक अधिनियम बनाया गया। इसमें प्रविधान किया गया है कि अगर माता-पिता की संपत्ति उपहार स्वरूप या किसी अन्य माध्यम से उनके पुत्र, पुत्रियां या अन्य रिश्तेदार अपने नाम करवा लेते हैं और इसके बाद वे वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण और देखभाल नहीं करते हैं तो वरिष्ठ नागरिकों को वैधानिक अधिकार दिया गया कि वे अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के न्यायालय में आवेदन देकर उनके उत्तराधिकारी या अन्य रिश्तेदारों द्वारा अपने नाम करवाई गई संपत्ति को फिर से प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रविधान की विशेष बात यह है कि यह वर्ष 2007 से पूर्व हस्तांतरित की गई संपत्तियों पर लागू नहीं होता है। वरिष्ठ नागरिक स्वअर्जित संपत्तियों को अगर पुत्र, पुत्री या रिश्तेदारों के नाम उपहार या अन्य माध्यमों से हस्तांतरित करते हैं तो कानूनन वरिष्ठ नागरिकों को हस्तांतरण लेख में इस बात का उल्लेख करना चाहिए कि संपत्ति मिलने के पश्चात संपत्ति अपने नाम करवाने वाले पुत्र-पुत्री या रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी ले रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक जब भी अपनी स्वअर्जित संपत्ति हस्तांतरित करें तो उन्हें इस बात का ध्यान रखते हुए संपत्ति हस्तांतरित के अनुबंध को निष्पादित करना चाहिए ताकि उनका भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे। वरिष्ठ नागरिकों को अगर पुत्र, पुत्री या किसी रिश्तेदार द्वारा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती है तो वे इसकी शिकायत डायल 100 या सिटीजन काप पर आनलाइन कर मदद प्राप्त कर सकते हैं।

Advertisment
Latest Stories
Advertisment