ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर चर्चा है की वह शिव पुरी विधानसभा से अपनी दावेदारी कर सकते हैं सिंधिाया ने इसे लेकर खुद सकेत दिऐ

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की लोकसभा सीटों से कई दावेदारों के नामों की चर्चा है, जो चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. सबसे ज्यादा सुर्खियों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindhia) का नाम है. चर्चा है कि सिंधिया गुन- शिवपुरी लोकसभा सीट से दावेदारी कर सकते हैं

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शिवपुरी

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की लोकसभा सीटों से कई दावेदारों के नामों की चर्चा है, जो चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. सबसे ज्यादा सुर्खियों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindhia) का नाम है. चर्चा है कि सिंधिया गुन- शिवपुरी लोकसभा सीट से दावेदारी कर सकते हैं

लोकसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों में गहमागहमी का माहौल है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के लिए रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की लोकसभा सीटों से कई दावेदारों के नामों की चर्चा है, जो चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. सबसे ज्यादा सुर्खियों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindhia) का नाम है. चर्चा है कि सिंधिया गुन- शिवपुरी लोकसभा सीट से दावेदारी कर सकते हैं. अब खुद सिंधिया ने इसे लेकर जवाब दिया है.

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2019 के लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से गुना-शिवपुरी के लिए दावेदार थे. उन्हें भाजपा के केपी यादव ने लगभग सवा लाख वोटों से हराया था. केपी यादव कभी सिंधिया के करीबी रहे थे. सिंधिया गुना-शिवपुरी सीट से लगातार चार बार सांसद रहे हैं. ये सीट सिंधिया परिवार के प्रभाव वाली सीट मानी जाती है. इस बार ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में हैं और अपनी पार्टी के लिए प्रचार-प्रसार कर रहे हैं.


सिंधिया से पूछा गया कि क्या इस बार लोकसभा में भाजपा 400 सीटें जीतेगी? इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मैंने कभी संख्या नहीं बताई, लेकिन भाजपा का कार्यकरता ही नहीं, बल्कि देश की एक करोड़ 40 लाख जनता चाहती है कि अबकी बार नहीं, तीसरी बार मोदी जी की सरकार बने. ”


केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज शिवपुरी राज्यसभा सांसद खेल महोत्सव में भागीदारी करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के पारंपरिक खेल देखे. उन्हें प्रतीक चिन्ह के रूप में राम मंदिर, पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए.

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