'मुझे 3000 रुपये से ज्यादा नहीं देती', कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कैसे बीवी तय करती हैं बजट

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को आम चुनाव से पहले अंतरिम बजट पेश करने जा रही हैं। इस बजट में किसे क्या मिलेगा यह तो बजट वाले दिन ही पता चलेगा। 

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Kailash Vijayvargiya

उससे पहले मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मजाकिया लहजे में कहा कि उनकी बीवी उन्हें 3 हजार से ज्यादा पैसे नहीं देती। मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा इंदौर में आयोजित इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) के कार्यक्रम में मजाकिया लहजे में समझाया गया फाइनेंस मैनेजमेंट का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।

विजयवर्गीय ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री सबसे महत्वपूर्ण होती है और फाइनेंस मिनिस्ट्री महिला के हाथ में है। घरों के अंदर भी महिलाओं के हाथ में रहती है। वो ही घर चलाती हैं।

उन्होंने कहा कि मैं कभी-कभी दोस्तों से मजाक में बोलता हूं कि मेरी बाजार में भले ही कितनी भी साख हो, लेकिन घर के अंदर तीन हजार रुपये ही कीमत है। मेरी बीवी 3 हजार रुपये से ज्यादा नहीं देती है। मैंने अगर वो 3 हजार रुपये जल्दी खत्म कर दिए तो वो पूछती है कि तुमने तीन हजार इतनी जल्दी कैसे खत्म कर दिए। जब मैं बताता हूं कि मैं चार-पांच मंदिरों में गया था तो वो कहती हैं कि क्यों तुमने 500 -500 के ही नोट चढ़ा दिए। 

छठी बार बजट पेश कर कई रिकॉर्ड अपने नाम करेंगी सीतारमण
न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लगातार छठा बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही उनके नाम कई रिकॉर्ड होंगे। वह लगातार पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश करने के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम दर्ज रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी। साथ ही, सीतारमण पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं, जो जुलाई 2019 से पांच पूर्ण बजट पेश कर चुकी हैं और अगले सप्ताह लेखानुदान यानी अंतरिम बजट पेश करेंगी।

सीतारमण एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने के साथ, मनमोहन सिंह, अरुण जेटली, पी चिदंबरम और यशवंत सिन्हा जैसे पूर्व वित्त मंत्रियों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगी। इन नेताओं लगातार पांच बजट पेश किए थे। वित्त मंत्री के रूप में मोरारजी देसाई ने 1959-1964 के बीच पांच सालाना बजट और एक अंतरिम बजट पेश किए थे।

एक फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 का पेश होने वाला अंतरिम बजट लेखानुदान होगा। यह सरकार को अप्रैल-मई के आम चुनावों के बाद नई सरकार आने तक कुछ निश्चित मदों में खर्च करने का अधिकार देगा। चूंकि आम चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में सीतारमण के अंतरिम बजट में कोई बड़ा नीतिगत बदलाव होने की संभावना नहीं है। वित्त मंत्री ने पिछले महीने एक कार्यक्रम में अंतरिम बजट में कोई 'बड़ी घोषणा' से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि यह आम चुनाव से पहले सिर्फ लेखानुदान होगा। 

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