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RDVV कर्मचारी संघ चुनाव: वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर अध्यक्ष-महासचिव के बीच खिंची तलावरें

रानी दुर्गावती शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ चुनाव को लेकर मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ ही वर्तमान अध्यक्ष और महासचिव के बीच तलावरें खिंच गई है।

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Swords drawn between President and General Secretary

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। दरअसल,संघ की मतदाता सूची से करीब 16 कर्मचारियों के नाम हटा दिए गए हैं। अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पुरोहित के हस्ताक्षर से जारी हुई मतदाता सूची में अब कुल 434 मतदाता ही शेष बचे हैं। वहीं मतदाता सूची से 16 कर्मचारियों के नाम हटाए जाने पर संघ के महासचिव संजय यादव ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि बिना आपत्ति के नामों को मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

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लिहाजा वे निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे। उन्होने ने यह भी तर्क दिया कि मतदाता सूची प्रकाशन में अध्यक्ष और महाचिव दोनों के हस्ताक्षर होने चाहिए थे। लेकिन सूची को अध्यक्ष ने अकेली ही फाइनल कर दिया। वहीं इस मामले में संघ अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पुरोहित ने बताया कि मतदाता सूची से जिन 16 सदस्यों के नाम हटाए गए हैं। उनका लंबे समय से सदस्यता शुल्क संघ को नहीं मिल रहा था।

चुंकि कोर्ट में जो याचिका कर्मचारी संघ के संचालन को लेकर लगाई गई है। उसमें याचिका कर्ता ने यह भी आरोप लगाए है कि जिन सदस्यों का शुल्क जमा नहीं हो रहा है,उनका नाम भी मतदाता सूची में शामिल है। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस बार मतदाता सूची का जब क्रास बेरिफिकेशन किया गया तो पाया गया कि पूर्व जारी सूची में 16 ऐसे कर्मचारियों के नाम है जो शुल्क नहीं जमा कर रहे हैं।

उनके द्वारा विश्वविद्यालय के ही एक अन्य संगठन अजाक्स में शुल्क जमा किया जा रहा है। लिहाजा उनके नामों को शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। अगर उक्त कर्मचारी पुन: संघ के सदस्य बनना चाहेंगे तो उनका नाम निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद जोड़ लिया जाएगा।

2 से 10 रूपए हुआ शुल्क -
कर्मचारी संघ ने अपनी सदस्यता शुल्क में भी इजाफा कर दिया है। अब हर माह कर्मचारियों को दो रूपए की जगह 10 रूपए शुल्क देना होगा। पदाधिकारियों का कहना था कि संघ की गतिविधियों को संचालित करने में आर्थिक तंगी आती थी। लिहाजा सभी सदस्यों ने निर्णय लिया था कि शुल्क में इजाफा किया जाए।

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