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Jabalpur News: महिला की शिकायत निकली सही, बीएलओ ड्यूटी के नाम पर जेल पहुंचे कर्मचारी को RDVV प्रशासन ने किया निलंबित

आखिरकार रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) प्रशासन ने विधानसभा चुनाव के दौरान बीएलओ ड्यूटी के नाम पर निकले कर्मचारी के जेल जाने के मामले एक्शन लिया है।

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Jabalpur RDVV दीक्षांत रिहर्सल 3 अक्टूबर से, 25 सितंबर से पंजीयन 

RDVV administration

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। आखिरकार रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) प्रशासन ने विधानसभा चुनाव के दौरान बीएलओ ड्यूटी के नाम पर निकले कर्मचारी के जेल जाने के मामले एक्शन लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जेल अधीक्षक को भेजे गए पत्र के मिले जबाव के बाद लिया गया है।

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केंद्रीय जेल अधीक्षक भोपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जो जानकारी प्रेषित की है। उसके मुताबिक RDVV के कृषि विज्ञान संस्थान में प्रयोगशाला सहायक के पद पर पदस्थ सुरेंश पहाडेÞ विभिन्न धाराओं में दर्ज प्रकरण के चलते 22 नंबवर 2023 से 29 नंबवर 2023 तक जेल में निरूद्ध थे। 

जेल अधीक्ष्क से प्राप्त हुए पत्र के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण,नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 की धारा 9 (2) (क) के तहत सुरेश पहाडे को निलंबित कर दिया। निलंबन काल में नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। निलंबन अवधि में सुरेश पहाड़े को आरडीयू के  बायोसाइंस विभाग में प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

यह है मामला -
 पिछले दिनों विश्वविद्यालय प्रशासन को एक महिला का पत्र मिला था। उक्त पत्र में यह आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान बीएलओ ड्यूटी के नाम पर निकला कर्मचारी महिला संबंधी अपराध के मामले में जेल की हवा खा रहा था। लेकिन इस बात की खबर किसी को कानों-कान नही लगी। 

पूरे घटनाक्रम के करीब 3 माह बाद अब एक पत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को प्राप्त हुआ है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि लंबे समय तक जेल में रहने के बाद भी उक्त कर्मचारी पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि हकीकत यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को कुछ पता ही नहीं था। अब पत्र के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी को शोकॉज नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। वहीं शिकायत पत्र में बताए गए पुलिस थाने व भोपाल जेल अधीक्षक को पत्र भेजकर भी जानकारी मंगाई गई थी।

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