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Jabalpur News: रंग-गुलाल-अबीर उड़ाते संकीर्तन करते निकली पंचकोषी परिक्रमा

प्रत्येक माह की पूर्णिमा तिथि पर पुण्य सलिला मां नर्मदा के तट भेड़ाघाट से निकलने वाली पंचकोषी परिक्रमा आज सुबह रंग-गुलाल,अबीर उड़ाते और भगवतनाम संकीर्तन करते हुए निकली। 

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By Shivansh Shukla
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gulal will fly tomorrow

Panchkoshi worship

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। प्रत्येक माह की पूर्णिमा तिथि पर पुण्य सलिला मां नर्मदा के तट भेड़ाघाट से निकलने वाली पंचकोषी परिक्रमा आज सुबह रंग-गुलाल,अबीर उड़ाते और भगवतनाम संकीर्तन करते हुए निकली। 

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सुबह-सुबह दिव्य वातावरण में संगमरमरीय वादियों के बीच नर्मदे हर का जयघोष करते फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर निकली परिक्रमा में श्रद्धालु राधारानी और हर-हर महादेव का जयकारा लगा रहे थे।

428 वीं परिक्रमा है-
उल्लेखनीय है कि यह परिक्रमा प्रति माह की पूर्णिमा तिथि पर निकाली जाती है। इस क्रम में आज 428 वीं परिक्रमा थी जो कि 9 चरणों में निकाली गई। 

इसके चलते छोटे-छोटे जत्थों के रुप में श्रद्धालु रंग-गुलाल और अबीर उड़ाते तथा संकीर्तन करते हुए चल रहे थे। शुभारम्भ हरे कृष्णा आश्रम से विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर किया गया।  

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नर्मदा महाआरती के संस्थापक डॉक्टर सुधीर अग्रवाल, अध्यक्ष डॉ. शिवशंकर पटेल,  पंडित मनमोहन दुबे, श्याम मनोहर पटेल आदि मौजूद रहे।

नाव से नदी पार की-
हरे कृष्णा आश्रम से पंचवटी 64 योगिनी धुआंधार होते हुए लम्हेटाघाट से नाव द्वारा श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी पार की। यहां श्री शनि मंदिर, इमलिया से न्यू भेड़ाघाट होते हुए सरस्वती घाट से नाव पार कर वापस हरे कृष्णा आश्रम पहुंची।

यहां पर विशाल भंडारे के साथ समापन किया गया। हरे कृष्णा आश्रम के संस्थापक स्वामी रामचंद्र दास जी महाराज ने सभी भक्तों को श्री बद्रीनाथ धाम से आए पूजित गोमती चक्र प्रसाद स्वरूप वितरित किए।

Jabalpur News: Panchkoshi worship while flying colors, gulal and abeer.

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