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Jabalpur News: RDVV में 'माइग्रेशन' फर्जीवाड़ा, फोटोकापी की दुकान से जारी हो रहे प्रमाण पत्र

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में अब माइग्रेशन फर्जीवाड़ा सामने आया है। उक्त प्रकरण को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के होश उड़े हुए हैं। बारिखी से पड़ताल की जा रही है कि फर्जीवाड़े में कौन-कौन शामिल है।

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Migration fraud in RDVV

आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। वहीं उक्त फर्जीवाड़े को लेकर डीआर परीक्षा ने पांच लिपिकों को नोटिस जारी करते हुए जबाव तलब किया है। सूत्रों की मानें तो माइग्रेशन फर्जीवाडेÞ के पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। जो लंबे समय से विश्वविद्यालय के अधिकृत इंटरनल पोर्टल का पासवर्ड और आईडी का उपयोग करके डिप्लीकेट माइग्रेशन विश्वविद्यालय के बाहर किसी एमपी ऑनलाइन सेंटर जारी कर रहा है। वहीं विश्वविद्यालय के खाजने में सेंध लगा रहा है। बताया जाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

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क्या है मामला -
जानकारी के मुताबिक बालाघाट निवासी एक छात्र के पिता पिछले दिनों माइग्रेशन प्रमाण पत्र प्राप्त आए हुए थे। इसी दौरान उन्हें फर्जीवाड़ा गिरोह ने अपने गिरफ्त में लेते हुए फोटोकापी सेंटर से प्रिंट करके माइग्रेशन प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इतना ही नहीं जो शुल्क विश्वविद्यालय के खाते में जाना चाहिए था, उसे भी अपनी जेब में डाल लिया। जबकि प्रक्रिया के तहत माइग्रेशन प्रमाण पत्र केवल विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से अधिकृत्त किए गए लिपिकों के माध्यम से ही जारी किया जा सकता है। बात साफ है कि फोटोकापी सेंटर से माइग्रेशन प्रमाण पत्र निकालने के लिए संबंधित व्यक्ति ने किसी न किसी अधिकारी का पासवर्ड और आईडी का इस्तेमाल किया होगा।

कैसे हुआ खुलासा -
माइग्रेशन फर्जीवाड़े का मामला जितना हैरान करने वाला है उसका खुलासा उतना ही रोचक है। दरअसल, बालाघाट की जिस छात्रा के नाम से माइग्रेशन जारी हुआ था। उसके पिता को प्रमाण पत्र को लेकर कुछ शंका हुई। लिहाजा वे कुछ दिन बाद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग जा पहुंचे। उन्होने परीक्षा विभाग के लिपिकों को माइग्रेशन प्रमाण पत्र दिखाते हुए उसकी प्रमाणिता के संबंध में जानकारी चाही तो सबके होश उड़ गए।

क्योंकि उक्त माइग्रेशन किसी भी अधिकृत आईडी से जारी नहीं किया गया था, ना ही संबंधित अधिकारी से अनुमोदित था। आनन-फानन में छात्रा के पिता से एक शिकायत ली गई। जिससे विभाग प्रमुख को अवगत कराया गया। जिसके बाद इस बात की पड़ताल शुरू हुई कि आखिर उक्त प्रमाण पत्र जारी कहां से हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल है।

पांच को थमाया नोटिस -
परीक्षा विभाग ने इस मामले में माइग्रेशन जारी करने के कार्य से जुडे़ पांच लिपिकों को नोटिस देते हुए जबाव मांगा है। पड़ताल मुख्य रूप से इस बात की हो रही है कि फर्जीवाड़े के लिए किसकी आईडी और पासवर्ड का उपयोग किया गया। वहीं फर्जीवाड़े में शामिल विभाग का कौन सा कर्मचारी शामिल है। इसकी भी पतासाजी की जा रही है। यह खेला कितने दिनों चल रहा है इसका भी खुलासा जल्द होगा।

माइग्रेशन फर्जीवाड़े के संबंध में मुझे कुछ भी नहीं मालूम है। मेरे संज्ञान में अभी तक प्रकरण नहीं लाया गया है।
अभयकांत मिश्रा, डिप्टी रजिस्ट्रार परीक्षा विभाग आरडीविवि

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