Jabalpur News: जबलपुर में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार बोले; कुलपति अब कुलगुरू कहलाएंगे

मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार 6 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल होने जबलपुर पहुंचे।

author-image
By Shivansh Shukla
New Update
Higher Education Minister Inder Singh Parmar said in Jabalpur

Higher Education Minister Inder Singh Parmar

जबलपुर। इस दौरान सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बैठक में विश्‍वविद्यालय संशोधन विधेयक पास हुआ है। वर्षों से कुलपति बोलने की एक परंपरा चली आ रही थी, परंतु इसका संबंध हमारी संस्कृति और आस्था से जुड़ा है, इसलिए कुलपति अब कुलगुरू कहलाएंगे।
 
विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी कठिनाइयां थी उन्हें दूर कर लिया गया है, कैबिनेट बैठक में इसको लेकर भी चर्चा हुई थी। जल्द ही विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया चालू कर दी जाएगी। वही छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाने को लेकर मंत्री ने कहा कि पोर्टल को ठीक से करने के लिए हमारे द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

Advertisment

कांग्रेस के पास कुछ नहीं बचा 
कांग्रेस के सवाल को लेकर  मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा अब उनके पास कुछ बचा नहीं है। पहले वे राम मंदिर का विरोध करते रहे, अब कह रहे हैं प्रभु राम के दर्शन करने चलो। हम तो पहले से ही कहते थे कि जाओ भगवान राम के शरण में आओ। 

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
हरदा में हुए पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट को लेकर उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा तुरंत कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह को मौके पर भेजा है। साथ ही हादसे के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

RDVV कुलपति प्रोफेसर वर्मा ने की भेंट
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के नगर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में मान. कुलपति प्रो. राजेश कुमार वर्मा एवं कुलसचिव डॉ. दीपेश मिश्रा ने विश्वविद्यालय परिवार की ओर से माननीय मंत्री का पुष्प गुच्छ से स्वागत करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय के कौशल विकास संस्थान द्वारा निर्मित अंगवस्त्र  भेंट किया।

Higher Education Minister Inder Singh Parmar said in Jabalpur

मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए  विश्वविद्यालय में नवाचार बढ़ाने एवं विश्वविद्यालय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम बताया।

Advertisment
Latest Stories
Advertisment