सीएम मोहन यादव ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट की, माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव सहित कई मुद्दों पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की

सीएम मोहन यादव ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इसी के साथ उन्होने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केरल के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खान से भी सौजन्य भेंट की। बता दें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली प्रवास पर हैं और माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव सहित कई मुद्दों पर उन्होने केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है।

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सीऐन

सीएम मोहन यादव ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट की, माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव सहित कई मुद्दों पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की

सीएम मोहन यादव ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इसी के साथ उन्होने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केरल के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खान से भी सौजन्य भेंट की। बता दें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली प्रवास पर हैं और माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव सहित कई मुद्दों पर उन्होने केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है।

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आपने अक्सर ‘सौजन्य भेंट’ या ‘शिष्टाचार भेंट’ जैसे शब्द पढ़े सुने होंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनका क्या अर्थ होता है। अंग्रेजी में इसे courtesy meeting कहा जाता है। सौजन्य भेंट, शिष्टाचार भेंट असल में एक विनम्रत मुलाक़ात होती है। यह आम तौर पर उच्च पद वाले दो पक्षों जैसे दो राजनीतिज्ञों या फिर दो सरकारी अधिकारियों के बीच मिलने और महत्वपूर्ण या संबंधित मामलों पर संक्षेप में चर्चा करने के लिए की जाती है।

 

डिप्लोमेसी में, शिष्टाचार भेंट एक औपचारिक बैठक होती है जिसमें एक राजनयिक या प्रतिनिधि या किसी राष्ट्र का कोई प्रसिद्ध व्यक्ति किसी राज्य के प्रमुख या राज्य कार्यालय धारक से शिष्टाचारवश मुलाकात करता है। इसमें तमाम अलग अलग व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं। जैसे एक मुख्यमंत्री का प्रधानमंत्री से मिलना या प्रधानमंत्री की राष्ट्रपति से मुलाकात। ये मुलाकात या बैठक आम तौर पर प्रतीकात्मक महत्व की होती है और इसमें बहुत कम बार ही किन्ही महत्वपूर्ण मुद्दों की विस्तृत चर्चा शामिल होती है। कई बार ये भेंट महज कुछ मिनट की हो सकती है और कई बार इसकी अवधि लंबी भी खिंच सकती है। ये इस बात पर निर्भर करता है कि कौन दो लोग मिल रहे हैं और उनके बीच की मुलाकात का उद्देश्य क्या है। आम तौर पर ये एक औपचारिक मुलाकात होती है और इसमें छोटी व सामान्य बातचीत की जाती है।

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