MP हरदा ब्लास्ट में 10 की मौत, तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच...फैक्ट्री के मालिक गिरफ्तार

हरदा जिले के ग्राम बैरागढ़ में पटाखा फैक्ट्री में हुई विस्फोट की घटना की जांच के लिए शासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी घटना के संपूर्ण कारणों की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

author-image
By Shivansh Shukla
New Update
Hardan blast

MP Harda blast

भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में हरदा के हादसे की विस्तार पूर्वक जानकारी ली। कलेक्टर हरदा और कमिश्नर भोपाल जो हरदा में ही है उनसे विस्तृत चर्चा कर घायलों के उपचार की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे में प्रतिवेदन भेजें उनके जिले में संचालित फटाका फैक्ट्री का संचालन नियम अनुसार हो रहा है कि नहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस घटना में दोषी सिद्ध व्यक्तियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

Advertisment

अब तक 10 नागरिकों की मृत्यु का समाचार है। कुल 172 नागरिकों के उपचार का कार्य प्रारंभ होने के बाद शाम तक 48 नागरिक उपचार के बाद डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गए हैं। शेष मामूली घायल नागरिकों का इलाज चल रहा है, जिनमें से अधिकांश आज रात्रि घर कुशलता से पहुंच जाएंगे। बैठक में बताया गया कि फैक्ट्री परिसर के आस-पास हरदा के अन्य नागरिक न आएं इसकी व्यवस्था भी की गई है। स्लैब को निकालकर सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है जिससे किसी नागरिक के दबे होने की आशंका को समाप्त कर उसे निकालकर आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जा सके।

पटाखा फैक्ट्री के मालिक गिरफ्तार

सूत्रों के मुताबिक पटाखा फैक्ट्री के मालिक राजीव अग्रवाल को राजगढ़ के सारंगपुर में गिरफ्तार कर लिया गया है। वो हादसे के बाद फरार हो गया था। राजीव अग्रवाल उज्जनै के रास्ते निकले थे और मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश और दिल्ली को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे से जा रहे थे। पुलिस ने मक्सी में दबिश दी, लेकिन राजीव निकल चुका था। इसके बाद सारंगपुर में हाइवे पर गिरफ्तारी हुई।

Advertisment

उल्लेखनीय है कि मंगलवार 6 फरवरी को सुबह के वक्त हरदा जिले के बैरागढ़ ग्राम में बनी एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया था। जिससे पूरा इलाका दहल गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसका असर कई किलोमीटर तक महसूस किया गया। मानो भूकंप के झटके लग रहे हो। लोग अपने वाहनों को छोड़कर भागने लगे, कच्चे मकानों की दीवारें गईं और सरकारी अस्पताल में लगा कांच तक चटक गया।

 

 



 

 

Advertisment
Latest Stories
Advertisment