Bhopal News: अब विश्वविद्यालय में केवल परीक्षा कार्यो से जुड़े कर्मचारियों को मिलेगा श्रम साध्य भत्ता, समन्वय समिति की बैठक में लिया गया निर्णय

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) सहित प्रदेश के सभी पारम्परिक विश्वविद्यालयों में अब केवल परीक्षा कार्यो में संलग्न रहने वाले तृतीय और चतुर्थ क्लास कर्मचारियों को श्रमसाध्य का भुगतान किया जाएगा।

New Update
The coordination committee meeting

The coordination committee meeting

आर्य समय संवाददाता, भोपाल। चर्चा में यह स्पष्ट किया गया है कि यह जरूरी नहीं है कि उक्त कर्मचारी गोपनीय या परीक्षा विभाग में पदस्थ हो। यदि कर्मचारी विश्वविद्यालय के अन्य विभागों में भी पदस्थ है और परीक्षा संबंधी कार्यो में सलंग्न है तो उसे विभाग प्रमुख की अनुशंसा के बाद श्रमसाध्य का भुगतान किया जाएगा। यह फार्मूला कुलाधिपति की अध्यक्षता में आयोजित हुई 101वीं विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक में तय किया गया है। बीसीए में प्रवेश के लिए गणित की अनिवार्यता समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है।

Advertisment

संबद्धता शुल्क का फार्मूला उच्च शिक्षा विभाग करेगा तैयार -
बैठक में इसके अलावा संबद्धता शुल्क को लेकर बनी भ्रम की स्थिति को भी दूर करने का प्रयास किया गया है। प्राइवेट कॉलेजों से संबद्धता शुल्क लिए जाने को लेकर बीते सत्र से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल,प्रदेश के कुछ विश्वविद्यालयों ने अचानक संबद्धता शुल्कों को 10 गुना तक बढ़ा दिया था। जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने संबद्धता शुल्क में एकरूपता लाने के आदेश दिए थे। इसी मुद्दे पर समन्वय समिति बैठक में मंथन किया गया। जिसमें तय हुआ विश्वविद्यालय 10 से 15 फीसदी संबद्धता शुल्क बढ़ा सकेगा। हालांकी इसका फाइनल प्रारूप उच्च शिक्षा विभाग जारी करेगा। इससे बात साफ है कि संबद्धता शुल्क कई वर्षो बाद बढ़ना तय है। एक बात यह भी सामने आ रही है कि यूनिवर्सिटी स्तर पर चाहे तो वह बढ़ा हुआ शुल्क किश्तों में भी ले सकती हैं।

कॉमन यूनिवर्सिटी इंट्रेंस टेस्ट की भी तैयारी -
वर्तमान में कॉमन यूनिवर्सिटी इंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के जरिए प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने वैकल्पिक है। अब सभी यूनिवर्सिटी को सीयूईटी के जरिए प्रवेश प्रक्रिया आयोजित करना होगी। यदि सीटें खाली रह जाती हैं तो सीएलसी के जरिए स्थानीय स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की जा सकती है।

ऑन लाइन पीएचडी कोर्स वर्क कर सकेंगे -
कोर्स-वर्क हाइब्रिड मोड पर समन्वय समिति की बैठक में पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया और कोर्स वर्क में बदलाव को लेकर भी प्रस्ताव रखा गया। इसमें पीएचडी में छह माह के कोर्स-वर्क को हाइब्रिड यानी ऑफलाइन फलाइन और ऑन लाइन दोनों प्रकार से किए जाने पर निर्णय ले लिया गया है। अभी यह कोर्स ऑफलाइन होता है और क्लास में पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। ऑनलाइन कोर्स शुरू होने से ऐसे लोग भी रिसर्च में शामिल हो सकेंगे जो निजी या सरकारी क्षेत्र में नौकरी करते हैं। ऐसे शोधार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शाम को आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा पीएचडी प्रवेश परीक्षा हर छह माह में आयोजित करवाने और गाइड को अधिकतम शोधार्थी आवंटित करने पर भी निर्णय लिया गया है।

Advertisment
Latest Stories
Advertisment