Jabalpur News: पंजाब नेशनल बैंक की सदर शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर लाखों रुपए का लिया लोन, एफआईआर दर्ज

Jabalpur News: पंजाब नेशनल बैंक की सदर शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर लाखों रुपए का लिया लोन, एफआईआर दर्ज

आर्य समय संवाददाता,जबलपुर। कैंट थाना अंतर्गत पंजाब नेशनल बैंक की सदर शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर लाखों रुपये का लोन डकारने का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने में किसी बाहरी गिरोह का नहीं, बल्कि बैंक द्वारा ही नियुक्त किए गए अधिकृत गोल्ड वैल्युअर्स का हाथ था। इन वैल्युअर्स ने 12 शातिर ग्राहकों के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश के तहत बैंक को कुल 43 लाख 17 हजार 512 रुपये (मूलधन ₹38,81,100 और ब्याज सहित) की भारी-भरकम आर्थिक क्षति पहुंचाई है।

बैंक प्रबंधन की लिखित शिकायत और पुलिस की शुरुआती जांच के बाद कैंट थाना पुलिस ने दोनों गोल्ड वैल्युअर्स सहित सभी 12 लोन आवेदकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब नेशनल बैंक की कैंट शाखा सदर के मुख्य शाखा प्रबंधक राजकुमार कोरी ने थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया कि बैंक द्वारा सोने की शुद्धता जांचने के लिए पैनल पर नियुक्त किए गए गोल्ड वैल्युअर राजीव सोनी (निवासी नया रामनगर, अधारताल, फर्म अभिनव ज्वेलर्स) और दूसरे वैल्युअर आशुतोष सराफ (निवासी मौलाना की गली, मन्नूलाल अस्पताल के पीछे, उपरैनगंज) ने बैंक के साथ विश्वासघात किया।

इन दोनों सर्राफा विशेषज्ञों ने रजनीश दाहिया, नितिन काछी, शहनाज बेगम, सोनू साहू, राहुल सिंह ठाकुर, देवेन्द्र कुर्मी, प्रीती बाई फड़ेरे, पूजा सोनी, सुंदरलाल साहू, सोमनाथ कर्ण, सत्यम पटेल और रिजवान मंसूरी नाम के 12 ग्राहकों के साथ मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचा। इन ग्राहकों ने बैंक में गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद दोनों वैल्युअर्स ने जान-बूझकर नकली और फर्जी सोने को असली बताते हुए अपनी हरी झंडी दे दी और बैंक से कुल 38 लाख 81 हजार 100 रुपये का मूलधन लोन के रूप में पास करवा लिया, जो अब ब्याज मिलाकर ₹43,17,512 हो चुका है।

बैंक प्रबंधन को जब इस लोन खाते में गड़बड़ी का अंदेशा हुआ, तो गिरवी रखे गए सोने की री-वैल्युएशन (दोबारा जांच) कराई गई, जिसमें बैंक के लॉकर में रखा सोना पूरी तरह नकली और कबाड़ पाया गया। इसके बाद कैंट थाना पुलिस ने मामले की संपूर्ण जांच की, जिसमें यह पूरी तरह प्रमाणित हो गया कि दोनों गोल्ड वैल्युअर्स और इन 12 ग्राहकों ने मिलीभगत करके नकली आभूषणों को असली स्वर्ण बताकर बैंक को लाखों रुपये का चूना लगाया है।

 मामले की गंभीरता को देखते हुए कैंट थाना पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपी गोल्ड वैल्युअर्स राजीव सोनी व आशुतोष सराफ सहित लोन लेने वाले सभी 12 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 (2)क (आपराधिक साजिश), 49, 234 और 318 (4) (धोखाधड़ी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले को विवेचना में ले लिया गया है और बैंक रिकॉर्ड्स को जब्त कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।